नगर निगम प्रशासन की इस कार्रवाई को फायर शाखा में लंबे समय से चली आ रही लापरवाही और बढ़ती फाइल पेंडेंसी के खिलाफ बड़ा एक्शन माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मोनिका सोनी के खिलाफ फायर शाखा से जुड़ी कई शिकायतें मिल रही थीं। इनमें प्रमुख रूप से:
फायर शाखा में फाइलों की बढ़ती पेंडेंसी
बिना निर्णय लिए फाइलों को निरस्त किए जाने के मामले
समय पर अनुमतियां और स्वीकृतियां नहीं देना
जैसी गंभीर बातें सामने आई थीं। इन शिकायतों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार की, जिसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
शिकायतों और समीक्षा के बाद प्रशासनिक प्रमुख पूनम के निर्देश पर नगर निगम कमिश्नर गौरव सैनी ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए मोनिका सोनी को उपायुक्त फायर के पद से हटा दिया।
आदेश के तहत:
मोनिका सोनी को राजस्व अधिकारी, आदर्श नगर जोन में लगाया गया है
उपायुक्त फायर का अतिरिक्त चार्ज अब प्रवीण कुमार को सौंपा गया है
गौरतलब है कि मोनिका सोनी का मूल पद राजस्व अधिकारी है, जबकि उन्हें इससे पहले सरकार द्वारा उनके पद से ऊंचे पद (उपायुक्त) पर लगाया गया था। इसे लेकर पहले भी नगर निगम के भीतर चर्चाएं होती रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि पदस्थापन को लेकर उठे सवाल भी इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि बने।
मोनिका सोनी लंबे समय से नगर निगम जयपुर में विभिन्न जिम्मेदारियों पर रह चुकी हैं। इससे पहले:
नगर निगम हेरिटेज में उपायुक्त गार्डन
नगर निगम की अन्य विंग्स में भी उपायुक्त स्तर की जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं
हालांकि फायर शाखा में कामकाज को लेकर सामने आई शिकायतों ने उनके कार्यकाल पर सवाल खड़े कर दिए।
जयपुर नगर निगम में यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब काम में लापरवाही और फाइलों की अनदेखी पर सख्त रुख अपनाया जा रहा है। कमिश्नर गौरव सैनी का यह कदम प्रशासनिक अनुशासन स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नई नियुक्ति के बाद फायर शाखा की पेंडेंसी और कार्यप्रणाली में कितना सुधार आता है।
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