नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक के साथ हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को संबोधित करते हुए करीब 45 मिनट का अभिभाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की वैश्विक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
हालांकि, राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान जैसे ही उन्होंने VB-जी राम जी कानून का उल्लेख किया, विपक्षी सांसदों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष की ओर से “कानून वापस लो” के नारे लगाए गए, जिससे कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
VB-जी राम जी कानून पर विपक्ष का विरोध
राष्ट्रपति के भाषण के दौरान विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष का आरोप है कि VB-जी राम जी कानून जनहित के खिलाफ है और इससे गरीबों, मजदूरों तथा कमजोर वर्गों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं, सत्तारूढ़ एनडीए के सांसदों ने मेज थपथपाकर राष्ट्रपति के अभिभाषण का समर्थन किया।
कुछ मिनटों तक चले हंगामे के बाद विपक्षी सांसद शांत हुए और राष्ट्रपति ने अपना संबोधन आगे जारी रखा।
राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रमुख बातें
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत किसी को डराता नहीं है, लेकिन किसी से डरता भी नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंक के अड्डों को नष्ट कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। मिशन सुदर्शन चक्र पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
सामाजिक न्याय और कल्याण योजनाएं
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्ष 2014 के बाद से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है और अब लगभग 95 करोड़ नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
भारत की वैश्विक भूमिका
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत दुनिया में सेतु की भूमिका निभा रहा है। भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से उठाया है और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है।
भविष्य की विकास योजनाएं
राष्ट्रपति ने बताया कि देश में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हजारों युवाओं को सेमीकंडक्टर तकनीक की ट्रेनिंग दी जा रही है।
बजट सत्र का कार्यक्रम
बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। यह दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान संसद की कुल 30 बैठकें होंगी।
निष्कर्ष:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हो गई है, लेकिन VB-जी राम जी कानून को लेकर विपक्ष का विरोध यह संकेत देता है कि यह सत्र हंगामेदार रहने वाला है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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