Rajasthan New Excise Policy 2026: के तहत राजस्थान सरकार ने प्रदेश में नई आबकारी और शराब नीति लागू कर दी है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं और शराब कारोबारियों दोनों पर पड़ने वाला है। नई नीति के अनुसार 1 अप्रैल से प्रदेश में देसी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतों में 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसके साथ ही शराब की दुकानों के खुलने के समय में भी बदलाव संभव है।
सरकार द्वारा आबकारी ड्यूटी में वृद्धि और ठेका रिन्युअल गारंटी फीस बढ़ाने के फैसले से यह साफ हो गया है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में शराब महंगी होने के साथ-साथ ठेकेदारों पर भी बिक्री का दबाव बढ़ेगा।
नई आबकारी नीति में सरकार ने आबकारी ड्यूटी को 75 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी कर दिया है। ड्यूटी में 5 फीसदी की बढ़ोतरी के कारण 1 अप्रैल 2026 से शराब की कीमतों में इजाफा तय माना जा रहा है।
बीयर की बोतल या कैन 5 रुपये तक महंगी होगी
750 एमएल अंग्रेजी शराब की बोतल 20 रुपये तक महंगी मिलेगी
देसी शराब की कीमतों में भी 5 से 10 रुपये तक का इजाफा संभव है
इस बढ़ोतरी का असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
फाइनेंस डिपार्टमेंट (आबकारी) के निर्देशानुसार मौजूदा शराब ठेकों की रिन्युअल गारंटी फीस बढ़ा दी गई है। इसका मतलब है कि ठेका संचालकों को अब पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में ज्यादा शराब बेचनी होगी, ताकि वे तय लक्ष्य को पूरा कर सकें।
ठेकेदारों का कहना है कि बढ़ी हुई गारंटी फीस के चलते उन्हें बिक्री बढ़ाने का दबाव झेलना पड़ेगा।
नई नीति में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि शराब की दुकानों की बिक्री समयावधि को रिव्यू करने का अधिकार आबकारी आयुक्त को दे दिया गया है।
वर्तमान में प्रदेश में शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक यानी 10 घंटे खुली रहती हैं। संभावना जताई जा रही है कि रिव्यू के बाद:
शराब की दुकानों का समय 2 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है
नई टाइमिंग सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक हो सकती है
हालांकि इस पर अंतिम फैसला आबकारी आयुक्त की समीक्षा रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।
नई आबकारी नीति के तहत अब शराब दुकान संचालकों को एक के बजाय दो गोदाम आवंटित किए जाएंगे। सरकार का तर्क है कि इससे स्टॉक प्रबंधन बेहतर होगा।
हालांकि ठेका संचालकों का आरोप है कि:
ग्रामीण क्षेत्रों में बने इन गोदामों से अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा मिल सकता है
पहले से ही गोदामों से अवैध बिक्री की शिकायतें आती रही हैं
इस प्रावधान को लेकर शराब कारोबारियों में नाराजगी देखी जा रही है।
सरकार ने शराब की दुकानों की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए आवेदन शुल्क भी बढ़ा दिया है।
2 करोड़ रुपये तक के रिजर्व प्राइज वाली दुकानों के लिए आवेदन शुल्क
50 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये
2 करोड़ रुपये से ज्यादा रिजर्व प्राइज वाली दुकानों के लिए
1 लाख से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये
इससे नए और छोटे ठेका संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
सरकार का मानना है कि नई आबकारी नीति से:
राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी
शराब बिक्री पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा
अवैध शराब पर रोक लगाने में मदद मिलेगी
वहीं सामाजिक संगठनों का कहना है कि शराब सस्ती या आसानी से उपलब्ध होने से सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
Rajasthan New Excise Policy 2026 के तहत प्रदेश में शराब और बीयर का महंगा होना तय है। आबकारी ड्यूटी बढ़ने, ठेका रिन्युअल फीस में इजाफा और दुकान खुलने का समय बढ़ने जैसे फैसले सरकार के राजस्व को तो मजबूत करेंगे, लेकिन आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में इस नीति को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की पूरी संभावना है।
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