नई दिल्ली: संसद के भीतर जहां लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते बाधित रही, वहीं संसद भवन के बाहर भी बुधवार को सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया। संसद के मकर द्वार पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बहस ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
घटना उस समय हुई जब कांग्रेस सांसद विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। तभी राहुल गांधी ने उनकी ओर इशारा करते हुए टिप्पणी कर दी।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाते हुए कहा,
“नमस्कार भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में आओगे।”
राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भड़क गए। उन्होंने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से इनकार करते हुए उन्हें “देश का दुश्मन” कहा। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी कहा-सुनी देखने को मिली, जिसे वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और नेताओं ने शांत कराने की कोशिश की।
संसद के बाहर हुई इस घटना से पहले लोकसभा के भीतर भी हालात सामान्य नहीं थे। विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के चलते बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल प्रारंभ कराया, लेकिन विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
विपक्षी सांसद पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देने से राहुल गांधी को रोके जाने और इसी मुद्दे पर हंगामा करने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन का भी विरोध कर रहे थे। विपक्ष ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच संसद गेट पर हुई इस तीखी बहस ने पहले से गरम माहौल में और घी डालने का काम किया है। कांग्रेस जहां इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रही है, वहीं भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी को असंसदीय और देशविरोधी करार दिया है।
संसद का मौजूदा सत्र केवल विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक टकराव का मंच बन गया है। लोकसभा के भीतर हंगामा और संसद के बाहर राहुल गांधी व रवनीत सिंह बिट्टू की भिड़ंत ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सियासी संघर्ष और तेज हो सकता है।
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