जयपुर: राजस्थान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए ऊर्जा क्षेत्र में बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाने की घोषणा की है। प्रदेश की डिप्टी मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि हर घर बिजली और हर उद्योग को शक्ति उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बजट में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने, अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और AI आधारित स्मार्ट ग्रिड लागू करने पर विशेष जोर दिया गया है।
AI आधारित विद्युत तंत्र की स्थापना:
बजट में सबसे बड़ी घोषणा AI (Artificial Intelligence) आधारित विद्युत तंत्र की रही। वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्रणाली से बिजली उत्पादन, वितरण और मांग पूर्वानुमान के काम को डेटा-ड्रिवन और AI-सक्षम बनाया जाएगा। पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक AI टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे न केवल बिजली की बर्बादी कम होगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इस प्रणाली से राजस्थान को ऊर्जा प्रबंधन में अग्रणी प्रदेश बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
सौर और अक्षय ऊर्जा में राजस्थान की बढ़त:
राजस्थान अक्षय और सौर ऊर्जा में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। बजट में घोषणा की गई कि ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU साइन किए गए हैं। इन निवेशों के माध्यम से सौर, विंड और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। PM सूर्य घर योजना के तहत अब तक एक लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 518 मेगावाट है। इससे हजारों घरों को मुफ्त या सस्ती बिजली मिल रही है और ग्रिड पर बोझ कम हुआ है।
ग्रिड सब-स्टेशन और बिजली वितरण:
प्रदेश में 400 KV, 220 KV और 132 KV स्तर पर नए ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से दूरदराज के क्षेत्रों में भी बिजली पहुँचाई जा सकेगी। बिजली वितरण प्रणाली में सुधार के लिए स्मार्ट ग्रिड लागू किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा में निरंतर वृद्धि से राजस्थान आत्मनिर्भर बन रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं।
हर घर बिजली और उद्योग शक्ति:
दीया कुमारी ने बजट भाषण में कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर घर में सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध हो। इसके साथ ही उद्योगों और व्यवसायों को पर्याप्त शक्ति मिले ताकि आर्थिक विकास की गति तेज हो। बिजली उत्पादन और वितरण की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए AI तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
बजट में अन्य प्रमुख ऊर्जा घोषणाएं:
राजस्थान में नए 220 केवी और 132 केवी के 13 जीएसएस बनाए जाएंगे।
बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ रुपये की लागत से नए सोलर पार्क स्थापित होंगे।
अजमेर डिस्कॉम केंद्र को AI आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग से जोड़ा जाएगा।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाएं:
राजस्थान सरकार ने शहरों और ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं घोषित की हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। PM सूर्य घर योजना से घरेलू सोलर ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सौर ऊर्जा में रोजगार सृजन:
बजट में यह भी कहा गया कि ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार दिया जाएगा।
पारदर्शिता और स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन:
AI आधारित प्रणाली से न केवल बिजली उत्पादन और वितरण में सुधार होगा, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी होगा। यह प्रणाली बिजली की खपत, उत्पादन और मांग का पूर्वानुमान लगाने में मदद करेगी।
राजस्थान का ऊर्जा क्षेत्र – भविष्य की दिशा:
राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में स्मार्ट, ग्रीन और सस्टेनेबल बनाना। बजट में इसके लिए विशेष पहलें की गई हैं। अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और हर घर तक बिजली पहुंचाने की योजनाओं से राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनने का मार्ग मिलेगा।
विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं का सारांश:
2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU।
PM सूर्य घर योजना में 1 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित।
नए 400 KV, 220 KV और 132 KV ग्रिड सब-स्टेशन।
AI आधारित विद्युत तंत्र।
सौर, विंड और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं का विकास।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं।
रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरों का सृजन।
विशेष पहलें और योजनाएं:
सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में रोजगार सृजन।
बिजली वितरण और उत्पादन में पारदर्शिता।
दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से आर्थिक विकास को गति।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट ग्रिड का विकास।
निष्कर्ष:
Rajasthan Budget 2026 ने ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। AI आधारित स्मार्ट ग्रिड, 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं से राज्य को ऊर्जा उत्पादन और वितरण में अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए हैं। इन पहलियों से न केवल बिजली की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। राजस्थान अब ऊर्जा क्षेत्र में देश का आदर्श प्रदेश बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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