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जनगणना राष्ट्रीय दायित्व, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा: निदेशक विष्णु चरण मलिक

जयपुर: में भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन चार्ज जनगणना अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण सत्र में निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी विष्णु चरण मलिक ने जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए इसकी गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार के समझौते से इनकार किया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने निदेशक का स्वागत किया और अब तक हुए प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जनगणना जैसे व्यापक और संवेदनशील कार्य के लिए अधिकारियों को पूरी तैयारी और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

अपने संबोधन में विष्णु चरण मलिक ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की योजनाओं, नीतियों और संसाधन वितरण की आधारशिला होती है। जनगणना के आंकड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच तय करते हैं, इसलिए इसकी शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस बार जनगणना पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में संपादित की जाएगी। डिजिटल प्रक्रिया से डाटा की पारदर्शिता बढ़ेगी, त्रुटियों की संभावना कम होगी और आंकड़ों का विश्लेषण अधिक तेजी से किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से तकनीक का दक्षतापूर्वक उपयोग करने पर विशेष जोर दिया।

निदेशक ने कहा कि पूरी जनगणना प्रक्रिया में चार्ज जनगणना अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्हें फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी सूचनाएं सही, समयबद्ध और निर्धारित मानकों के अनुरूप दर्ज की जाएं।

इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को भी प्रशिक्षण सत्र में चार्ज एवं अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनगणना–2027 के कार्य को पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ संपादित करें।

उन्होंने विशेष रूप से सीएमएमएस पोर्टल (जनगणना प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण प्रणाली) पर सभी प्रविष्टियों को सही और त्रुटिरहित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या तकनीकी चूक से बचने के लिए सतत निगरानी और समन्वय पर बल दिया गया।

अधिकारियों को यह भी बताया गया कि जनगणना जैसे विशाल कार्य में तकनीकी दक्षता, आपसी समन्वय और समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण कारक होते हैं। इन सभी पहलुओं पर ध्यान देकर ही जिले में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सकता है।


निष्कर्ष:

जनगणना–2027 को लेकर आयोजित यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को जिम्मेदारी और गुणवत्ता का बोध कराने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना में सटीकता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्पष्ट निर्देशों के साथ अधिकारियों को यह संदेश दिया गया कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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