अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ कर्मचारियों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। सीवरमैन कर्मचारी यूनियन और ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर Amritsar Municipal Corporation के आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यूनियन की प्रमुख मांगों में विभाग में खाली पड़े 192 पदों को शीघ्र भरना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण कार्यभार बढ़ रहा है और मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
फेडरेशन के प्रधान जगदीश कुमार जग्गू ने बताया कि उन्होंने आयुक्त से मुलाकात कर पुरानी पेंशन योजना को तत्काल बहाल करने की मांग रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि नई पेंशन व्यवस्था से उन्हें भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
यूनियन ने लंबे समय से कार्यरत कच्चे सीवरमैन कर्मचारियों को पक्का करने की मांग भी उठाई है। उनका आरोप है कि ये कर्मचारी बेहद कम वेतन पर सीवर में उतरकर जान जोखिम में डालते हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है और न ही पर्याप्त सुरक्षा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सीवर में काम करने के दौरान उन्हें आवश्यक सुरक्षा किट, दस्ताने, मास्क और वर्दी तक उपलब्ध नहीं कराई जाती। जग्गू ने इसे गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताते हुए कहा कि यह कर्मचारियों के जीवन के लिए खतरा है।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि 72 घंटे के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान यदि किसी प्रकार का नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन, महापौर और पंजाब सरकार की होगी।
इस मौके पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी यूनियन के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई में वे पूरी मजबूती से साथ खड़े रहेंगे।
अमृतसर नगर निगम में कर्मचारियों की मांगों को लेकर टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। 72 घंटे का अल्टीमेटम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में नगर निगम के कामकाज पर असर पड़ सकता है और शहर में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.