संभल | उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए दो मस्जिदों और एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई असमोली थाना क्षेत्र के हाजीपुर और राया बुजुर्ग गांवों में की गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई।
हाजीपुर गांव में 1339 वर्ग मीटर (लगभग डेढ़ बीघा) सरकारी भूमि पर बनी एक मस्जिद को प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही ग्रामीणों ने रातभर हथौड़े, छेनी और बेलचों से खुद ही ढहा दिया।
सुबह जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तो वहां मस्जिद की जगह सिर्फ मलबा पड़ा हुआ था।
इस पर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा—
“भगवान ने लोगों को सद्बुद्धि दी कि उन्होंने खुद ही अवैध निर्माण को हटा लिया।”
इसके बाद प्रशासन ने करीब तीन घंटे में बुलडोजर लगाकर मलबा हटवाया।
पहली मस्जिद से करीब 500 मीटर दूर 1500 वर्ग मीटर जमीन पर बने मदरसे को तोड़ने के लिए प्रशासन पहुंचा। कार्रवाई से पहले ढोल पिटवाकर मुनादी कराई गई।
तीन बुलडोजरों से मदरसे को ध्वस्त किया गया।
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि—
मदरसे के नाम पर जमीन पर कब्जा किया गया था
वहां कॉमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं
दुकानों से किराया वसूला जा रहा था
तहसीलदार कोर्ट से डेढ़ महीने पहले ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी मदरसा कमेटी की अपील खारिज कर दी थी।
हाजीपुर से करीब 11 किलोमीटर दूर राया बुजुर्ग गांव में 1500 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को दो बुलडोजरों से गिराया गया।
अधिकारियों के मुताबिक यह मस्जिद भी सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी।
2 अक्टूबर को नोटिस दिया गया था
मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट गई थी
हाईकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद कार्रवाई की गई
प्रशासन के अनुसार, हाजीपुर में करीब 25 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था।
इस मामले में कुल 58 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें से मुतवल्ली पर 8.78 लाख रुपए का जुर्माना था।
अवैध निर्माण न हटाने पर प्रशासन ने—
2 तहसीलदार
1 सीओ
6 कानूनगो
24 लेखपाल
4 थानों की पुलिस
2 कंपनी पीएसी
की संयुक्त टीम बनाई थी।
डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे और ध्वस्त जमीन पर 20 चयनित लाभार्थियों को पट्टे वितरित किए।
एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए फोर्स तैनात की गई थी।
संभल में हुई यह कार्रवाई प्रशासन के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है। हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद की गई इस कार्रवाई में कहीं बुलडोजर चला तो कहीं ग्रामीणों ने खुद अवैध निर्माण हटा दिया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
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