दौसा। जिले में जर्जर भवनों में संचालित हो रहे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने बड़ा और अहम निर्णय लिया है। अब ऐसे सभी विद्यालयों को अस्थायी रूप से नजदीकी सुरक्षित स्कूल भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा (आयोजना) विभाग के संयुक्त शासन सचिव ने आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेशभर में इस निर्णय के तहत 1154 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक और 212 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को स्थानांतरित किया जा रहा है। वहीं दौसा जिले में 10 सीनियर सेकेंडरी और 42 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाएं अब नजदीकी सुरक्षित विद्यालयों में संचालित होंगी।
शिफ्ट किए गए विद्यालयों की उपस्थिति पंजिका और शैक्षणिक रिकॉर्ड अलग-अलग रखे जाएंगे। जिस स्कूल में कक्षाएं संचालित होंगी, उसके मुख्य द्वार पर दोनों विद्यालयों के नाम, कक्षाएं और पारी की पूरी जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
अधिशेष शिक्षकों को विद्यार्थियों की उपस्थिति, ठहराव और ड्रॉपआउट रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि एक ही कैडर के दो संस्था प्रधान हैं, तो रिक्त पद वाले विद्यालय में संस्था प्रधान का पदस्थापन किया जाएगा। इस दौरान उनका वेतन यथावत जारी रहेगा।
जिन प्राथमिक विद्यालयों में 14 या उससे कम और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29 या उससे कम नामांकन है, वहां के विद्यार्थी पास के विद्यालय में अन्य कक्षाओं के साथ अध्ययन करेंगे।
यदि कक्षावार नामांकन अधिक हुआ, तो विद्यालयों को दो पारियों में संचालित किया जाएगा। समान कक्षाएं एक ही पारी में चलेंगी, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
बैठने की व्यवस्था, कक्षा-कक्ष, प्रयोगात्मक कार्य, परीक्षाएं, खेलकूद और अन्य सभी शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह सुव्यवस्थित तरीके से संचालित होंगी। विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। यह पूरी व्यवस्था शीतकालीन अवकाश समाप्त होने से पहले लागू कर दी जाएगी।
आदेशों के अनुसार जिले के 10 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को नजदीकी स्कूलों में दो पारियों में संचालित किया जाएगा। प्रमुख रूप से—
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बड़ियाल कलां → राउमावि बड़ियाल कलां
सवाईपुरा व उदयपुरा → राउमावि चूड़ियावास
राउमावि बैजवाड़ी → राउमावि अभयपुरा
धानी बालाजी → राउमावि लाड़ली का बास
गांधी शाला लालसोट → पीएमश्री आदर्श राउमावि लालसोट
बेसिक शाला लालसोट → बालिका राउमावि लालसोट
मटवास → श्री दामोदर प्रसाद खंडेलवाल राउमावि बनियाना
बूंटोली → राउमावि गिरधरपुरा
इसके अलावा जिले के 42 जर्जर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को भी नजदीकी सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया जा रहा है। इनमें बाढ़ बिशनपुरा, मित्रपुरा, भोमिया पंडा मोहल्ला, मोहनपुरा, हरपट्टी, किशोरपुरा प्यारीवास, जीरोता कलां, देलाड़ी, झेरा सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं, जिन्हें सूची अनुसार पास के सुरक्षित स्कूलों में संचालित किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी है। जर्जर भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सभी विद्यालयों को उनके मूल भवनों में वापस संचालित किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जर्जर स्कूल भवनों को लेकर लिया गया यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। अस्थायी शिफ्टिंग से जहां हादसों का खतरा टलेगा, वहीं मरम्मत के बाद बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद भी बढ़ेगी।
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