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परीक्षा देने निकली 13 साल की मासूम… फिर मिला शव! बीकानेर हत्याकांड पर बांदीकुई में फूटा गुस्सा

राजस्थान: के बीकानेर जिले से सामने आई 13 वर्षीय बालिका की निर्मम हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मासूम की हत्या के विरोध में अब सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। बांदीकुई में समाज के प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

परीक्षा देने निकली थी, वापस नहीं लौटी

जानकारी के अनुसार, बीकानेर जिले के एक गांव की 13 वर्षीय बालिका 21 फरवरी 2026 को आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए अपने घर से निकली थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह परीक्षा देकर सुरक्षित लौट आएगी, लेकिन शाम तक उसके घर नहीं पहुंचने पर चिंता बढ़ गई। परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

अगले दिन इलाके में एक शव मिलने की सूचना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी। जब पहचान की गई तो वह शव उसी बालिका का निकला। इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

निर्मम हत्या का आरोप, क्षेत्र में तनाव

समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि अज्ञात बदमाशों ने बालिका की निर्मम हत्या की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस बच्ची का भविष्य शिक्षा से संवरने वाला था, उसकी जिंदगी बेरहमी से छीन ली गई। इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है।

बांदीकुई में प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

घटना के विरोध में बांदीकुई में सैन समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मांग की गई कि:

  • मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए

  • दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए

  • पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाए

समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अब तक कार्रवाई में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

तीन दिन से जारी है धरना

बताया गया है कि पिछले तीन दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

प्रशासन का आश्वासन

प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया गया है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीमें विभिन्न एंगल से जांच कर रही हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

हालांकि, लोगों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।

ये रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान पूर्व पार्षद एवं अध्यक्ष सैन समाज बांदीकुई प्रकाश चंद सैन, मंत्री बनवारी लाल पंडितपुरा, तहसील अध्यक्ष विजय तीहाड़ा, यूनियन अध्यक्ष नंदकिशोर पंडितपुरा, महामंत्री रोहिताश मोटूका, रामदयाल गुड़ा, घनश्याम गुड़ा, राकेश कुदरा, विनोद सैन, महेश सेन, कालू गुड़ा, नरेंद्र सैंथल, रामवीर बैजूपाड़ा, राजू पंडितपुरा, बद्री कुटी, अखिलेश ढिगारिया और पवन सकवाया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

बेटियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर से प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि स्कूल और परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी उठाई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक निगरानी, पुलिस गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और सशक्त करना जरूरी है।

न्याय की उम्मीद

पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है। गांव में मातम का माहौल है और हर कोई यही चाहता है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

समाज के लोगों ने स्पष्ट किया है कि वे न्याय मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती।


निष्कर्ष:

बीकानेर में 13 वर्षीय बालिका की हत्या की यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी भी है। बेटियों की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और त्वरित न्याय—ये तीनों मुद्दे अब केंद्र में आ गए हैं। बांदीकुई में उठी आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में गूंज रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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