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पहले दोस्ती… फिर MD की डोज! जोधपुर में 8 ग्राम ड्रग के साथ दो युवक गिरफ्तार, युवाओं को बना रहे थे पैडलर

राजस्थान: के जोधपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में डांगियावास थाना पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 8 ग्राम एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि ये आरोपी युवाओं से दोस्ती कर उन्हें पहले नशे की लत लगाते थे और बाद में ड्रग पैडलर बना देते थे।

दांतीवाड़ा के पास दबिश, 8 ग्राम MD बरामद

पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर दांतीवाड़ा क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। इसी दौरान दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 8 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पुत्र तेजाराम जाट (21 वर्ष) निवासी जालेली फोजदार थाना डांगियावास हाल बासनी तंबोलिया थाना माता का थान तथा महेंद्र पुत्र बालाराम जाट (20 वर्ष) निवासी डांवरा थाना खेडापा हाल श्रीराम कॉलोनी सारण नगर थाना बनाड़ के रूप में हुई है।

दोनों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।

युवाओं को बना रहे थे ड्रग पैडलर

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सीधे बड़े स्तर पर सप्लाई करने की बजाय युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी पहले कॉलेज छात्रों या छोटे व्यवसाय करने वाले युवाओं से दोस्ती करते थे। उन्हें पार्टी या मौज-मस्ती के नाम पर एमडी ड्रग की डोज देते थे।

धीरे-धीरे उन्हें इसकी लत लग जाती थी। इसके बाद उन्हें कमाई का लालच देकर छोटे स्तर पर सप्लाई करने के लिए प्रेरित किया जाता था। इस तरह नशे की लत और पैसों की जरूरत के कारण युवा खुद ड्रग पैडलर बन जाते थे।

जोधपुर में बढ़ते एमडी के मामले

हाल के महीनों में जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में एमडी ड्रग के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार यह सिंथेटिक ड्रग तेजी से युवाओं में लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि इसे ‘पार्टी ड्रग’ के रूप में प्रचारित किया जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि एमडी का सेवन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। यह नशा व्यक्ति को अवसाद, चिंता, अनिद्रा और व्यवहारिक अस्थिरता की ओर धकेल सकता है।

पुलिस की रणनीति

डांगियावास थाना पुलिस ने बताया कि शहर में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध इलाकों में नियमित गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपी एमडी कहां से खरीदते थे और उनका नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है।

एक अधिकारी ने बताया कि “हम केवल छोटे सप्लायरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सप्लाई चेन की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई करेंगे।”

परिवार और समाज पर असर

नशे की बढ़ती प्रवृत्ति केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक संकट भी बनती जा रही है।

कई अभिभावकों ने चिंता जताई है कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया और दोस्तों के प्रभाव में आकर गलत रास्ते पर जा रहे हैं। नशे की लत उनके करियर और भविष्य को बर्बाद कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है, ताकि युवा इस जाल में फंसने से बच सकें।

NDPS एक्ट के तहत सख्त प्रावधान

एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी, खरीद-फरोख्त और सेवन पर सख्त सजा का प्रावधान है। मात्रा के आधार पर आरोपियों को कठोर कारावास और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं, तो उनके खिलाफ और भी कड़ी धाराएं लगाई जा सकती हैं।

कॉलेज और बिजनेस युवाओं को निशाना

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ऐसे युवाओं को निशाना बनाते थे जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे हैं या जिनकी सोशल सर्कल बड़ी है।

उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता था कि छोटे स्तर पर सप्लाई कर वे जल्दी पैसा कमा सकते हैं। लेकिन धीरे-धीरे यही लालच उन्हें अपराध के जाल में फंसा देता था।

समाज की भूमिका

विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान और समाज को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

बच्चों के व्यवहार में बदलाव, अचानक खर्च बढ़ना, नए संदिग्ध दोस्तों का साथ—ये सभी संकेत हो सकते हैं कि वे गलत दिशा में जा रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि उनसे पूछताछ कर नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें नशे की गतिविधियों की जानकारी हो तो तुरंत सूचना दें। पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


निष्कर्ष:

जोधपुर में 8 ग्राम एमडी ड्रग के साथ दो युवकों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशे का जाल युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। दोस्ती और पार्टी के नाम पर शुरू होने वाला यह सिलसिला धीरे-धीरे अपराध की राह तक पहुंच जाता है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई जरूरी है, लेकिन समाज और परिवार की जागरूकता भी उतनी ही अहम है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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