जोधपुर: पुलिस कमिश्नरेट को नया नेतृत्व मिल गया है। गुरुवार को शरत कविराज ने जोधपुर के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने से पहले उन्हें औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने पूर्व कमिश्नर ओमप्रकाश-1 का स्थान लिया।
कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में शरत कविराज ने कहा, “इस शहर में मेरा बचपन बीता है। यहां की परिस्थितियों, लोगों और माहौल से मैं भली-भांति परिचित हूं। यह अनुभव बेहतर पुलिसिंग में मदद करेगा।” उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि जोधपुर की जनता की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
कविराज ने बताया कि उनके परिवार का जोधपुर से पुराना नाता रहा है। उन्होंने कहा कि पास के DRM ऑफिस से भी उनके नानाजी के समय का संबंध रहा है। ऐसे में इस शहर के लिए काम करना उनके लिए केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि भावनात्मक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर, राज्य सरकार और डीजी का आभारी हूं कि मुझे जोधपुर की सेवा का अवसर मिला। यदि इस शहर के लिए कुछ सकारात्मक कर पाया, तो यह मेरे जीवन की बड़ी उपलब्धि होगी।”
नए कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली की शक्तियों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। नए और पुराने शहर के विभिन्न संगठनों, सीएलजी सदस्यों और पुलिस थानों से फीडबैक लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर में जो भी अच्छा या बुरा होगा, उसकी जानकारी उन्हें सीधे मिलेगी क्योंकि यहां उनके कई परिचित और सामाजिक संबंध हैं। इससे पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाया जा सकेगा।
शरत कविराज ने माना कि वर्तमान समय में नशा सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण कई अन्य अपराध भी जन्म लेते हैं। इसलिए इस पर विशेष कसावट की जाएगी। ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ने और युवाओं को इससे बचाने के लिए समन्वित अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने संकेत दिए कि स्थानीय पुलिस, स्पेशल यूनिट्स और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई को तेज किया जाएगा।
कमिश्नर ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसे रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। स्कूल, कॉलेज और बाजार क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित कर लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ जोधपुर को मिलेगा। साइबर सेल को और मजबूत किया जाएगा और तकनीकी संसाधनों को अपडेट किया जाएगा।
कविराज ने कहा कि राज्य सरकार और डीजी पीएचक्यू की जो प्राथमिकताएं हैं, उन्हें पूरी गंभीरता से लागू किया जाएगा। साथ ही शहरवासियों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाएगा।
अवैध बजरी खनन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि SOG ने इस दिशा में अच्छा काम किया है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं इसी विभाग से आए हैं और सिस्टमेटिक बदलाव किए गए हैं। उनका मानना है कि वर्तमान सरकार में बजरी माफिया पहले की तरह प्रभावी नहीं है। जोधपुर में अन्य एजेंसियों को जो भी सहयोग चाहिए होगा, वह दिया जाएगा।
नए पुलिस कमिश्नर शरत कविराज का जोधपुर से भावनात्मक जुड़ाव और प्रशासनिक अनुभव शहर की पुलिसिंग को नई दिशा दे सकता है। नशा नियंत्रण, साइबर क्राइम पर लगाम और कानून व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी रणनीतियां जमीन पर किस तरह लागू होती हैं और शहर को कितना सुरक्षित बना पाती हैं।
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