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उन्नाव एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक से टकराईं दो रोडवेज बसें, 3 की मौत—31 घायल, ड्राइवर की झपकी बनी वजह?

उत्तर प्रदेश: के उन्नाव जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सिरधरपुर और देवखरी गांव के पास खड़े एक ट्रक से दो रोडवेज बसें अलग-अलग समय पर टकरा गईं। इस दोहरे हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए।

हादसा आधी रात करीब 12 बजे से लेकर तड़के 2:30 बजे के बीच हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों घटनाओं की वजह चालक को झपकी आना बताया जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच जारी है।


कैसे हुआ पहला हादसा?

रविवार रात लगभग 12 बजे किलोमीटर संख्या 226, सिरधरपुर गांव के सामने एक ट्रक सड़क के किनारे आंशिक रूप से खड़ा था। बताया जा रहा है कि ट्रक सड़क के हिस्से को घेर रहा था और पीछे से आ रही बस को समय रहते उसका अंदाजा नहीं हो सका।

आगरा फोर्ट डिपो की एक रोडवेज बस तेज रफ्तार में आई और पीछे से ट्रक में जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 14 यात्री घायल हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पांच एंबुलेंस की मदद से घायलों को बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद कई घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।


दूसरा हादसा: ट्रक हटाते वक्त फिर टक्कर

पहले हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने में जुटा था। हाइड्रा मशीन बुलाकर बस को हटाया गया। करीब रात 2:30 बजे पुलिस ट्रक को प्रीतमपुरा चौकी ले जाने की तैयारी कर रही थी।

इसी दौरान आगरा फोर्ट की ही दूसरी रोडवेज बस पीछे से आई और उसी ट्रक में जा टकराई। रात का अंधेरा और संभवतः चालक की झपकी इस दूसरी दुर्घटना की वजह बनी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही तीन यात्रियों की मौत हो गई।

इस दूसरी घटना में 17 यात्री घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया और सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।


31 घायल, तीन की मौत

दोनों हादसों को मिलाकर कुल 31 यात्री घायल हुए हैं। तीन मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है और पहचान की कोशिश जारी है।

कोतवाल अखिलेशचंद्र पांडेय ने बताया कि ट्रक सड़क के किनारे खड़ा था और संभवतः चालक को झपकी आने के कारण दोनों बसें पीछे से टकराईं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


घायलों का इलाज जारी

बांगरमऊ CHC में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश घायलों को सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। मेडिकल टीम लगातार निगरानी में है।


सड़क सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहनों के लिए पर्याप्त चेतावनी संकेत जरूरी हैं।

  • रात में दृश्यता बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टर और फ्लैश लाइट अनिवार्य होनी चाहिए।

  • लंबी दूरी की बसों के चालकों के लिए नियमित विश्राम अनिवार्य किया जाना चाहिए।

अक्सर देखा गया है कि रात में लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों को नींद या थकान के कारण दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।


स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद आसपास के गांवों में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए।

कुछ ग्रामीणों ने मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए और खराब या खड़े वाहनों को तुरंत हटाने की व्यवस्था हो।


प्रशासन की कार्रवाई

जिला प्रशासन ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही रोडवेज विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है कि क्या दोनों बसों के चालक निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी पर थे।

ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि ट्रक सड़क पर क्यों खड़ा था और क्या उसने आवश्यक चेतावनी संकेत लगाए थे या नहीं।


परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़

मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

हादसे में घायल कई यात्री अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। अस्पताल में परिजन अपनों की सलामती की दुआ करते नजर आए।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर रुकने या खड़े होने की स्थिति में:

  • वाहन को पूरी तरह किनारे लगाया जाए

  • हेजार्ड लाइट चालू रखी जाए

  • कम से कम 50-100 मीटर पीछे रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल लगाया जाए

ऐसी सावधानियां कई बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।


निष्कर्ष

उन्नाव में हुआ यह दोहरा सड़क हादसा बेहद दुखद और चेतावनी देने वाला है। तीन लोगों की मौत और 31 घायलों की पीड़ा इस बात की याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है।

एक्सप्रेसवे पर रात के समय अतिरिक्त सतर्कता, ड्राइवरों के लिए विश्राम की अनिवार्यता और खड़े वाहनों के लिए सख्त नियम लागू करना समय की मांग है।

अब सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद प्रशासन ठोस कदम उठाएगा या यह भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में सिमट कर रह जाएगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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