बड़ियाल। क्षेत्र के Ralawata गांव स्थित Sankat Mochan Ashram में इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का अनूठा माहौल देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भगवान के पावन प्रसंगों का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा के दौरान भक्तिमय माहौल में भजन, कीर्तन और जयकारों से पूरा आश्रम गूंज उठा। दूर-दराज के गांवों से भी महिला-पुरुष और युवा बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंचे।
कथा का वाचन Sadhvi Jaypriya Didi द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि जब भी संसार में धर्म पर संकट आता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं और धर्म की रक्षा करते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने Lord Rama के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंग सुनाए और बताया कि भगवान राम ने अपने जीवन में मर्यादा, सत्य और धर्म का पालन कर आदर्श स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि भगवान राम केवल एक राजा नहीं थे, बल्कि वह आदर्श पुत्र, आदर्श भाई और आदर्श पति के रूप में भी पूरे संसार के लिए प्रेरणा बने।
कथा के दौरान साध्वी जयप्रिया दीदी ने Vishwamitra के यज्ञ की रक्षा से जुड़ा प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ को राक्षस बार-बार नष्ट कर देते थे, तब भगवान राम और Lakshmana को यज्ञ की रक्षा के लिए भेजा गया।
भगवान राम और लक्ष्मण ने राक्षसों का संहार कर यज्ञ की रक्षा की और यह संदेश दिया कि जब भी धर्म की रक्षा का समय आता है, तब भगवान अपने भक्तों की सहायता अवश्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि रामकथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही मार्ग दिखाने वाली प्रेरणा है।
रामकथा के दौरान भजनों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर भगवान के नाम का स्मरण करते रहे।
कथा स्थल पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ कथा श्रवण करने पहुंचे।
गांव के लोगों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे की भावना बढ़ती है।
कथा आयोजन समिति और ग्रामीणों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पानी और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
आयोजन समिति के अनुसार यह श्रीराम कथा 7 मार्च से 15 मार्च तक प्रतिदिन आयोजित की जा रही है। कथा के दौरान हर दिन भगवान राम के जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है।
कथा के समापन के बाद 16 मार्च को विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों और आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर भगवान के नाम का स्मरण करने और धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है।
रलावता गांव में आयोजित श्रीराम कथा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग दिया है। साध्वी जयप्रिया दीदी के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को भगवान राम के आदर्शों और धर्म के महत्व का संदेश दिया। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना बढ़ती है और लोगों को जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
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