रक्षा शर्मा, जैसलमेर के रामदेवरा निवासी, एक सीमित संसाधनों वाले परिवार में पली-बढ़ी। उनके पिता, मदन शर्मा, जो केवल आठवीं पास हैं, टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। रक्षा ने अपने परिवार के साथ एक ही कमरे में रहते हुए कड़ी मेहनत की और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में 570वीं रैंक हासिल की।
उनके पिता ने कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया और मां, मैना देवी, ने उन्हें भावनात्मक समर्थन दिया। रक्षा ने शुरुआती पढ़ाई रामदेवरा में की, फिर जोधपुर और जयपुर में तैयारी की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी बार सफलता प्राप्त की।
इंटरव्यू में बेबाकी से जवाब देने के बाद उन्हें चयन की पुष्टि हुई। परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, और मां भावुक हो गईं। रक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।
अब रक्षा RAS अधिकारी बन गई हैं, जबकि उनके पिता अभी भी टैक्सी चलाते हैं, जिससे पूरे परिवार की तकदीर बदल गई है।
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