दिल्ली-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेसवे पर बन रही प्रदेश की सबसे चौड़ी मुकुंदरा टनल में यातायात की शुरुआत फिलहाल टल गई है। रोड सेफ्टी ऑडिट के दौरान टनल में लाइट्स, साइनेज और रोड मार्किंग के कार्य अधूरे पाए गए। पहले इसे 15 मई से खोलने की तैयारी थी, लेकिन निर्माण कंपनियां सुरक्षा मानकों से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं कर पाईं।
सेफ्टी ऑडिट टीम ने कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी खामियां पाईं, जिससे संचालन की अनुमति नहीं दी गई। टनल में फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, लाइटिंग और वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। सभी सुधार कार्य पूरे होने के बाद रोड सेफ्टी टीम को रिपोर्ट भेजी जाएगी और अनुमति मिलने पर ही यातायात शुरू होगा।
प्रोजेक्ट 2019 में शुरू हुआ था, जिसकी कुल लागत 1000 करोड़ रुपए है। टनल 38 मीटर चौड़ी, 1.6 किमी कट एंड कवर और कुल लंबाई 4.9 किमी है।
वन विभाग ने पत्र लिखकर टनल से निकलने वाले पानी का उपयोग वन्यजीवों के लिए सुनिश्चित करने की मांग की। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक मुत्थु एस ने बताया कि टनल से बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकल रहा है और इसका उपयोग वाटरहॉल में किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग और एनएचएआइ की संयुक्त बैठक होगी।
सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा सुझाए गए बिंदुओं पर काम शुरू हो चुका है। टनल के दूसरे चार लेन के हिस्से का काम अंतिम चरण में है, जिसमें लाइटिंग, फैन और अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। जून माह के अंत तक कार्य पूरा होने के बाद दोनों ओर से निर्बाध यातायात शुरू होगा।
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