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मानसून 2026: राजस्थान में 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 392 बांध ओवरफ्लो

जयपुर। राजस्थान में मानसून 2026 ने पिछले 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस वर्ष औसत से ज्यादा बारिश हुई है, जिसके चलते प्रदेश में अब तक 699.3 एमएम वर्षा दर्ज की गई है। इस असाधारण बारिश ने सामान्य जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण की चुनौतियों को बढ़ा दिया है।

प्रदेश के कुल 691 बांधों में से 392 बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं, जबकि 192 बांध आंशिक रूप से भरे हैं। शेष बांध अब भी खाली हैं। जिन बांधों में पानी नहीं भरा, उसके पीछे मुख्य कारण यह है कि उनके आसपास बस्तियां बस गई हैं, जिससे पानी पहुँचने का मार्ग अवरुद्ध हो गया।

प्रदेश के सभी बांधों की कुल पानी की भराव क्षमता 12,900.83 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जिसमें से 11,110.87 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी पहले ही स्टोर हो चुका है, जो कुल क्षमता का 72.80 प्रतिशत है। तेज बारिश के कारण कुल बांधों में से 57 प्रतिशत से अधिक बांध छलक गए, जिसके कारण कई बांधों के गेट खोलकर पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालना पड़ा।

प्रदेश प्रशासन ने लगातार मॉनिटरिंग और जल निकासी के प्रयास तेज कर दिए हैं, ताकि बाढ़ या किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस वर्ष की बारिश ने जल संसाधन प्रबंधन और बांध सुरक्षा की महत्वता को पुनः स्पष्ट किया है। इस मानसून से न केवल जलभराव का रिकॉर्ड टूटा है, बल्कि जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन के लिए भविष्य में आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता भी सामने आई है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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