मुख्य सचिव ने सभी ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पंपों पर बाधित नहीं होनी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर कर आपूर्ति सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही तय किया गया कि कंज्यूमर पंप अब सीधे ऑयल कंपनियों से ही ईंधन की आपूर्ति लेंगे। कंपनियों को अपने स्तर पर ऐसे पंपों की सूची सरकार को सौंपने के लिए कहा गया।
नायरा कंपनी द्वारा प्रदेश में डीजल आपूर्ति रोकने के मामले पर मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया और शीघ्र आपूर्ति सुचारु करने के दिशा-निर्देश दिए।
सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा पेट्रोल-डीजल पर VAT कटौती रहा। RPDA ने सरकार को बताया कि वैट में कटौती से राज्य सरकार को कोई हानि नहीं होगी। अधिक VAT के कारण बिक्री पड़ोसी राज्यों में जाती है, VAT कम होने से यह रुक जाएगी और राज्य में ईंधन बिक्री बढ़ेगी। इससे महंगाई झेल रहे किसानों और आम जनता को राहत मिलेगी।
एसोसिएशन ने VAT कटौती के लिए संयुक्त कमेटी बनाने का सुझाव दिया। मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सरकार इस पर गंभीर है और शीघ्र अग्रिम कार्रवाई करेगी। जानकारी RPDA अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी, उपाध्यक्ष प्रकाश गवालेरा और महासचिव शशांक कौरानी ने जारी की।
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