जोधपुर में जिला कलक्टर आलोक रंजन ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पावटा जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं और हाल ही में प्रसूताओं से जुड़े स्वास्थ्य घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, एमडीएम अस्पताल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाएं सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाएं।
बैठक के बाद जिला कलक्टर ने पावटा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और 20 जून को सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की स्थिति को लेकर जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि दो गंभीर प्रसूताओं को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया था, जिनमें से एक को एम्स भेजा गया है, जबकि अन्य छह प्रसूताओं की स्थिति स्थिर और संतोषजनक है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गायनी ऑपरेशन थियेटर का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। साथ ही ऑपरेशन थियेटर में उपयोग हुए उपकरण, दवाइयों और अन्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक सभी प्रक्रियाएं स्थगित रहेंगी।
जिला कलक्टर ने कहा कि सभी मरीजों की निरंतर निगरानी की जाए और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहां विभिन्न नेताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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