राजस्थान में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राज्य के कई जिलों में जहां एक ओर बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में सरदारशहर (चूरू) में 56 मिमी, जयपुर में 50 मिमी और झालावाड़ के सुनैल क्षेत्र में 45 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
गुरुवार को फलौदी राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर में 41.0 डिग्री, जैसलमेर में 40.8 डिग्री और बाड़मेर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा।
मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। चूरू, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे इलाकों में तापमान अभी भी 39 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों से इसमें गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून गुजरात और मध्यप्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और अगले तीन से चार दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अनुमान है कि जुलाई के पहले सप्ताह से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी तथा कई जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है।
जयपुर में गुरुवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया और करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कलक्ट्रेट सर्कल पर लगभग 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद रामनिवास बाग के पास पेड़ गिरने और बस स्टॉप का होर्डिंग गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। मौसम बदलने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं यातायात और जनजीवन प्रभावित हुआ।
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