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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या से मचा हड़कंप

राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध हत्या की खबर ने पूरे राज्य के पुलिस और जेल प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। धौलपुर, करौली और चंबल क्षेत्र के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे जगन गुर्जर की जेल के भीतर गला घोंटकर हत्या किए जाने की घटना सामने आई है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हो गई हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह वारदात सोमवार दोपहर जेल परिसर के भीतर हुई, जहां एक हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। घटना के बाद जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जेल अधीक्षक और अन्य जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। पूरे जेल परिसर को घेरकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया और कैदियों से पूछताछ की जा रही है।

जगन गुर्जर चंबल क्षेत्र का एक कुख्यात डकैत रहा है, जिसने वर्षों तक राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में डकैती, हत्या और अपहरण जैसी घटनाओं से दहशत फैलाई थी। उसका नाम लंबे समय तक पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल रहा और उस पर भारी इनाम भी घोषित था। कई बार आत्मसमर्पण और जमानत के बाद भी उसके आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहने की चर्चा रही है।

घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि जिस अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल को अत्यंत सुरक्षित माना जाता है, वहां इस तरह की हत्या होना प्रशासनिक लापरवाही या अंदरूनी साजिश की आशंका को जन्म देता है। पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जिसमें फिंगरप्रिंट, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी सबूत शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे आपसी रंजिश, गैंगवार या जेल के भीतर चल रही किसी पुरानी दुश्मनी की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जेल सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई या किसी अंदरूनी मदद से यह घटना अंजाम दी गई।

फिलहाल पूरे मामले की जांच उच्च स्तर पर जारी है और जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वास्तव में हाई सिक्योरिटी जेलें उतनी सुरक्षित हैं, जितना दावा किया जाता है, या फिर अंदर ही अंदर सिस्टम में गंभीर खामियां मौजूद हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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