देश के प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में शामिल जयपुर का सवाई मानसिंह (SMS) क्रिकेट स्टेडियम इन दिनों किसी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं, बल्कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त आदेशों को लेकर चर्चा में है। पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए एनजीटी ने जयपुर, रायपुर और मुंबई के प्रमुख स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल का कहना है कि मैदानों की सिंचाई के लिए अत्यधिक भूजल का दोहन, एसटीपी के उपचारित पानी का उपयोग नहीं करना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं होना और अनुपालन रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं करना पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है।
हालांकि, जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में एनजीटी के आदेशों के बावजूद खेल गतिविधियां लगातार जारी हैं। क्रिकेट अभ्यास, फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, एथलेटिक्स, टेनिस और स्क्वैश जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इतना ही नहीं, मैदानों की हरियाली बनाए रखने और स्विमिंग पूल भरने के लिए भी कथित तौर पर भूजल का उपयोग जारी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एनजीटी ने स्पष्ट रूप से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, तब इन आदेशों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा? अब सभी की निगाहें 17 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि संबंधित अधिकारी पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हैं या फिर न्यायिक आदेशों की अनदेखी पर उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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