जयपुर में 1 अगस्त से संपत्ति खरीदने वालों को अधिक खर्च करना पड़ेगा। जिला दर निर्धारण समिति (District Level Committee-DLC) द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की डीएलसी (सर्किल रेट) में 5 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। नई दरें 1 अगस्त से प्रभावी होंगी। इससे मकान, प्लॉट, फ्लैट, व्यावसायिक भूखंड और अन्य अचल संपत्तियों के पंजीकरण पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी वृद्धि होगी।
डीएलसी दर वह न्यूनतम सरकारी मूल्य होता है, जिसके आधार पर किसी भी संपत्ति का पंजीकरण किया जाता है। यदि बाजार मूल्य डीएलसी से अधिक है तो उसी के आधार पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन बाजार मूल्य कम होने पर भी रजिस्ट्रेशन डीएलसी दर से नीचे नहीं हो सकता। ऐसे में नई दरें लागू होने के बाद खरीदारों को पहले की तुलना में अधिक स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ेगा।
प्रशासन का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में जमीन और संपत्तियों के बाजार भाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहां डीएलसी दरों को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधित किया गया है। इस कदम से सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ संपत्ति के वास्तविक मूल्यांकन को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि नई दरों के लागू होने से प्रॉपर्टी खरीदने की लागत बढ़ेगी और अल्पकाल में बाजार पर इसका असर देखने को मिल सकता है। जिन लोगों ने अभी तक अपनी रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे 1 अगस्त से पहले प्रक्रिया पूरी कराकर अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।
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