परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या और बढ़ने से बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार और बिजली वितरण कंपनियां चार्जिंग नेटवर्क और बिजली आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन जहां एक ओर पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम कर रहे हैं और प्रदूषण घटाने में मददगार साबित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली की बढ़ती खपत ऊर्जा प्रबंधन और वितरण व्यवस्था के लिए नई चुनौती भी बन रही है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य में बिजली उत्पादन और चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।