भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि मध्यस्थता केवल विवाद समाधान का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने का दृष्टिकोण है, जो समाज में विश्वास, संवाद और सौहार्द को मजबूत करता है। इस अवसर पर उन्होंने "न्याययान–द डिजिटल वे ऑफ जस्टिस" सॉफ्टवेयर का शुभारंभ भी किया, जिससे राजस्थान की जिला न्यायपालिका पेपरलेस व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने बताया कि राज्य के 1,495 न्यायालय और 1,517 न्यायिक अधिकारी अब डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली के तहत कार्य करेंगे। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित कई अंतरराष्ट्रीय न्यायविदों ने संवाद और मध्यस्थता को स्थायी शांति का आधार बताया।
सम्मेलन के अंत में "जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मेडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ" पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए। इसके जरिए कॉमनवेल्थ देशों ने शांति, मध्यस्थता, न्याय तक आसान पहुंच और विधि के शासन को और मजबूत बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही घोषणा की गई कि कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस-2027 का आयोजन बहामास में किया जाएगा।
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