जयपुर, 21 सितंबर। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता केंद्र (SARTTAC) की ओर से जयपुर में ‘पब्लिक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट–इंडियन स्टेट्स’ विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सोमवार को शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक निवेश के बेहतर प्रबंधन, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेश से अधिकतम परिणाम सुनिश्चित करने पर चर्चा करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि देश में सार्वजनिक परियोजनाओं में बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हों और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि निवेश का अधिकतम लाभ आमजन और अर्थव्यवस्था को मिल सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान में सार्वजनिक निवेश का प्रभाव बड़े प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है। जल और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं में लगातार निवेश से दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है और लोगों को बाजारों तथा सार्वजनिक सेवाओं से जोड़ने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान के तहत लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें से करीब 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने राजस्थान के तेजी से उभरते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का भी उल्लेख किया। भड़ला सौर पार्क जैसी परियोजनाओं को रणनीतिक निवेश का उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के निवेश आर्थिक विकास के साथ ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देते हैं।
मुख्य सचिव ने GST सुधारों को महत्वपूर्ण परिवर्तन बताते हुए कहा कि इससे प्रक्रियाओं और दस्तावेजीकरण को अधिक सुव्यवस्थित करने में मदद मिली है। उन्होंने राज्य के साइबर कोषागार के माध्यम से वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने तथा SNA-स्पर्श के जरिए कोषागार आधारित भुगतान व्यवस्था में वास्तविक समय में भुगतान की दिशा में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया।
वहीं, SARTTAC के निदेशक हेराल्ड फिंगर ने बताया कि SARTTAC अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, दक्षिण एशिया के सदस्य देशों और विकास साझेदारों की सहयोगात्मक पहल है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की संस्थागत और मानव संसाधन क्षमता को मजबूत करना है, ताकि बेहतर व्यापक आर्थिक एवं वित्तीय नीतियां तैयार कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।
उन्होंने बताया कि SARTTAC में भारत के साथ बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका सदस्य देश हैं। यह IMF का ऐसा क्षेत्रीय केंद्र है, जहां प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दोनों उपलब्ध कराई जाती हैं।
कार्यक्रम में SARTTAC के रेजिडेंट पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट एडवाइजर स्टीफन टर्नबुल, नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार अनुराग गोयल, विशेष शासन सचिव वित्त (बजट) शिवांगी स्वर्णकार तथा IMF के वित्तीय मामलों के विभाग के विशेषज्ञ रूई मोंटेइरो और मार्टिन डार्सी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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