चम्बल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन की रोकथाम को लेकर आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने, मैदानी गश्त मजबूत करने और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
हाल ही में रेंजर की हत्या की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने फील्ड कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही आवश्यक हथियारों और वाहनों की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने तथा न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना से जुड़ी सूचनाएं समय पर प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्य सचिव ने कोटा साइबर थाने में दर्ज मामलों, अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी और आरोप पत्र प्रस्तुत करने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। समय पर सूचनाओं का आदान-प्रदान होने से पीड़ितों की मेहनत की कमाई बचाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने साइबर अपराधों से जुड़े मामलों को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में शामिल करने के निर्देश भी दिए। अभय कमांड सेंटर में उन्होंने लाइव कैमरा फीड के जरिए निगरानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस दल चार से छह मिनट में घटनास्थल पर पहुंचता है।
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने सरकारी अस्पतालों को पूर्णतः डिजिटल बनाने और रोगी देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, शोध और शोध प्रकाशनों की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान और नियमित निगरानी, प्रसव पूर्व जांच, रक्त की पर्याप्त उपलब्धता, उपचार प्रोटोकॉल के पालन तथा रेफरल परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने नवजात गहन चिकित्सा इकाई और प्रसूति वार्ड का निरीक्षण किया तथा भर्ती प्रसूता से उपचार संबंधी जानकारी भी ली।
जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने, जल संरक्षण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल उपलब्धता की स्थिति की भी जानकारी ली।
इसके अलावा नवनेरा बैराज, रामगढ़, महलपुर और चम्बल एक्वाडक्ट सहित प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में मुख्य सचिव ने विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयले की उपलब्धता और संयंत्र भार गुणांक की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश को बिजली उत्पादन में अधिशेष राज्य बनाने के प्रयासों में स्टेशन की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए संयंत्र का सुचारु संचालन बनाए रखने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, राज्य स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में विभिन्न विभागों और जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।
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