पार्टी की ओर से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए टिकट वितरित किए जा रहे हैं। जिला प्रभारी और चुनाव पर्यवेक्षक संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर उम्मीदवारों को टिकट सौंपेंगे। पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक होने के चलते पार्टी ने वितरण प्रक्रिया तेज कर दी है।
चुनावी रणनीति के तहत कांग्रेस कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं कर सकती है। पार्टी निकाय चुनावों की तर्ज पर कुछ जगह सीधे उम्मीदवारों को सिंबल के लिफाफे सौंपने की रणनीति अपना रही है। हालांकि, दोपहर बाद कुछ क्षेत्रों के उम्मीदवारों की सूची सामने आने की संभावना जताई गई है।
पंचायत चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के सांसदों, विधायकों, विधायक प्रत्याशियों, जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों से एकजुट होकर चुनावी संघर्ष करने की अपील की है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा ने परिसीमन के दौरान मनमानी की और पंचायती राज चुनावों में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा, प्रशासन और पुलिस की ओर से निकाय चुनावों जैसी परिस्थितियां दोहराई जा सकती हैं। गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रशासनिक चुनौतियों का सामना आमजन को साथ लेकर करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया। उनके मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस की मजबूत मौजूदगी है और पार्टी को गांव-गांव तक पहुंचकर जनता से संवाद करना चाहिए।
अशोक गहलोत ने कहा कि पंचायत चुनाव किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की सामूहिक लड़ाई है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी जनप्रतिनिधियों से फोन पर संवाद कर रहे हैं और अन्य नेताओं से भी चुनाव को लेकर चर्चा कर चुके हैं।
गहलोत ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने तथा जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की। अब टिकट वितरण और उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ ही राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
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