Download App Now Register Now

पंचायत चुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज, हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत

जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति के वार्ड-4 से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल सैनी को बड़ा झटका लगा है। नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई की, लेकिन याचिकाकर्ता को राहत नहीं मिली। दशहरा अवकाश के दौरान हुई सुनवाई में जस्टिस रवि चिरानिया की विशेष पीठ ने चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

मानवीय भूल के कारण नामांकन खारिज होने का दावा

अनिल सैनी ने लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति के वार्ड-4 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। नामांकन खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा गया कि नामांकन पत्र भरते समय मानवीय भूल हुई थी और रिटर्निंग ऑफिसर ने उनकी आपत्तियों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया। उन्होंने कोर्ट से नामांकन बहाल करने की मांग की थी।

एफआईआर और अदालत के संज्ञान से जुड़ा मामला

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में बताया गया कि वर्ष 2018 में लक्ष्मणगढ़ थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में अदालत ने 18 नवंबर 2021 को संज्ञान लिया था, जिसकी जानकारी नामांकन पत्र में दी गई थी।

याचिकाकर्ता के वकील के अनुसार, मामले में आरोप तय नहीं हुए थे, लेकिन गलती से नामांकन पत्र के आरोप तय होने से संबंधित कॉलम में अदालत का नाम और संज्ञान लेने की तारीख दर्ज कर दी गई। इसी आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन खारिज कर दिया।

सरकार ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप का किया विरोध

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने पक्ष रखते हुए कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया में न्यायालय का हस्तक्षेप संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों से सीमित है।

सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि नामांकन पत्र में आरोप तय होने की तारीख का उल्लेख उम्मीदवार ने स्वयं किया था। नामांकन में दी गई जानकारी की जिम्मेदारी प्रत्याशी की होती है। यदि किसी उम्मीदवार को लगता है कि उसका नामांकन गलत तरीके से खारिज किया गया है, तो वह चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनाव याचिका दायर कर सकता है।

हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इससे अनिल सैनी को नामांकन बहाल कराने के लिए दायर याचिका में राहत नहीं मिल सकी। पंचायत चुनाव से जुड़े इस मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

TNI आवाज़ | राजस्थान की हर खबर, सबसे पहले

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
जयपुर में कांग्रेस का तीन दिन से जारी धरना खत्म, रितु बराला मामले में पुलिस से बनी सहमति; अब अदालत जाएगी कांग्रेस | दिल्ली: प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना के तहत जवानों के बच्चों को मिलेगी आर्थिक मदद, 31 अक्टूबर तक आवेदन का मौका | पुलिस शहीद दिवस: जोधपुर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, एक साल में देशभर के 154 पुलिसकर्मियों ने दिया बलिदान | राजस्थान में बदला मौसम, बारिश-ओलों के बाद फिर अलर्ट; 24 अक्टूबर से सक्रिय होगा नया वेदर सिस्टम | कोटा नाव हादसा: कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटी, चार लापता लोगों की तलाश दूसरे दिन भी जारी | झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव: पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दो बहुएं अलग-अलग वार्ड से मैदान में, संतोष अहलावत की बहू और शुभकरण चौधरी की बेटी पर भी नजर | भरतपुर में 200 सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, दो महीने से वेतन नहीं मिलने पर जताया आक्रोश | जयपुर में सजेगा अंतरराष्ट्रीय फैशन का मंच, 25 अक्टूबर को होगा सुपर मॉडल वर्ल्डवाइड-2026 का ग्रैंड फिनाले | राजस्थान: रितु बराला केस में FIR की मांग पर रातभर पुलिस कमिश्नरेट में डटे रहे डोटासरा समेत कांग्रेस नेता, राहुल गांधी ने किया फोन | Gold-Silver Price: सोना 1.50 लाख रुपये के पार, चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर स्थिर; दिवाली तक बढ़ेंगे दाम? |