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सोना-चांदी खरीदने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें: कैरेट से लेकर हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज तक समझें पूरा हिसाब, खरीदारी में नहीं होगा नुकसान

त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह के लिए ज्वेलरी खरीदने से पहले रखें इन बातों का ध्यान; BIS हॉलमार्क, HUID नंबर, शुद्धता, सही भाव और GST की जानकारी होना जरूरी

नई दिल्ली। सोना-चांदी खरीदना केवल निवेश या गहने खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शुद्धता, वजन और कीमत की सही जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। कई बार ग्राहक ज्वेलरी की चमक और डिजाइन देखकर खरीदारी कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कैरेट, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और वेस्टेज चार्ज की सही जानकारी नहीं होती। ऐसे में गहने खरीदते समय अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स की बताई इन 7 जरूरी बातों को समझ लेना फायदेमंद हो सकता है।

1. कहां से खरीदें सोना-चांदी?

सोना खरीदने के लिए आमतौर पर दो विकल्प होते हैं। पहला पारंपरिक सर्राफा दुकान और दूसरा ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम।

  • पारंपरिक सर्राफा दुकान से खरीदारी करते समय दुकानदार की विश्वसनीयता और बिल जरूर जांचें।

  • ब्रांडेड शोरूम से खरीदारी करते समय हॉलमार्क और ज्वेलरी की शुद्धता की जानकारी लें।

  • हमेशा विश्वसनीय ज्वेलर से ही गहने खरीदें।

2. कैरेट क्या होता है और इसे कैसे पहचानें?

कैरेट सोने की शुद्धता मापने की इकाई है। शुद्ध सोना काफी मुलायम होता है। इसलिए ज्वेलरी बनाने के लिए इसमें अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं।

सोने का कैरेट शुद्धता
24 कैरेट 99.9%
22 कैरेट 91.67%
18 कैरेट 75%
14 कैरेट 58.33%
9 कैरेट 37.5%

ज्वेलरी खरीदते समय कैरेट और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता का हॉलमार्क जरूर देखें।

चांदी की शुद्धता के प्रमुख निशान:

  • 999 – 99.9% शुद्धता

  • 925 – 92.5% शुद्धता

  • 900 – 90% शुद्धता

  • 800 – 80% शुद्धता

3. असली सोने की पहचान कैसे करें?

सोने की शुद्धता जांचने के लिए तीन चीजें देखना जरूरी है।

  • BIS हॉलमार्क: यह बताता है कि ज्वेलरी की शुद्धता भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुसार प्रमाणित है।

  • शुद्धता का निशान: 22K 916, 18K 750 जैसे निशान सोने की शुद्धता बताते हैं।

  • HUID कोड: यह छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिससे हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की पहचान की जा सकती है।

HUID कोड की जांच के लिए मोबाइल में BIS Care ऐप डाउनलोड करें। ऐप में 'Verify HUID' विकल्प चुनकर गहने पर दर्ज कोड डालें। इससे ज्वेलरी से जुड़ी उपलब्ध जानकारी जांची जा सकती है।

4. सोने का सही भाव कैसे पता करें?

सोना खरीदने से पहले बाजार में चल रहे भाव की जानकारी जरूर लें। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट पर सोने और चांदी के संकेतात्मक रिटेल रेट देखे जा सकते हैं।

IBJA के संकेतात्मक रेट आमतौर पर दिन में दो बार अपडेट होते हैं।

  • सुबह करीब 12 से 12:15 बजे।

  • शाम करीब 5 से 5:15 बजे।

यहां 24, 22, 20, 18 और 14 कैरेट सोने के रेट प्रति ग्राम की जानकारी मिल सकती है।

वेबसाइट: https://www.ibja.co

ध्यान रखें: IBJA के प्रकाशित रेट में 3% GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। ज्वेलर के अंतिम बिल में ये खर्च अलग से जुड़ सकते हैं।

5. सोना खरीदते समय सही वजन जरूर जांचें

ज्वेलरी खरीदते समय डिजिटल तराजू पर सोने का वजन अपनी आंखों के सामने करवाएं।

  • तराजू शून्य पर सेट है या नहीं, यह जरूर देखें।

  • ज्वेलरी में नग, मोती या अन्य धातु लगी हो तो उनका वजन अलग करवाएं।

  • बिल में सोने का वास्तविक वजन और अन्य सामग्री का वजन स्पष्ट होना चाहिए।

इससे आपको पता रहेगा कि आप वास्तव में कितना सोना खरीद रहे हैं।

6. मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST का हिसाब समझें

सोने की कीमत के अलावा ज्वेलरी बनाने में कई तरह के अतिरिक्त चार्ज लगते हैं।

मेकिंग चार्ज: सोने से गहने तैयार करने की मजदूरी को मेकिंग चार्ज कहते हैं। यह प्रति ग्राम या ज्वेलरी की कुल कीमत के प्रतिशत के हिसाब से लगाया जा सकता है। डिजाइन और जटिलता के अनुसार यह अलग-अलग होता है।

वेस्टेज चार्ज: ज्वेलरी बनाते समय सोने की कटाई या घिसाई के नाम पर कुछ दुकानदार वेस्टेज चार्ज लेते हैं। इसकी दर ज्वेलर और डिजाइन के अनुसार अलग हो सकती है।

प्रीमियम चार्ज: कुछ विशेष डिजाइन, ब्रांड या पैकेजिंग के लिए अतिरिक्त कीमत ली जा सकती है।

GST: सोने और चांदी की ज्वेलरी की खरीद पर लागू नियमों के अनुसार सामान्यतः 3% GST लगता है।

खरीदारी से पहले इन सभी चार्ज का पूरा विवरण मांगें और अलग-अलग ज्वेलर्स के बिल की तुलना करें।

7. बिल लेते समय इन 7 बातों की जांच करें

ज्वेलरी खरीदने के बाद पक्का बिल जरूर लें। बिल भविष्य में एक्सचेंज, रीसेल या किसी विवाद की स्थिति में काम आता है।

बिल में इन जानकारियों की जांच करें:

  1. दुकान का नाम और विवरण।

  2. बिल नंबर और खरीदारी की तारीख।

  3. सोने की शुद्धता और कैरेट।

  4. ज्वेलरी का नेट वजन।

  5. प्रति ग्राम सोने का भाव और कुल कीमत।

  6. मेकिंग, वेस्टेज और अन्य चार्ज।

  7. GST और अंतिम भुगतान की राशि।

खरीदारी के बाद बिल, पेमेंट की रसीद, हॉलमार्क और HUID से संबंधित जानकारी सुरक्षित रखें।

खरीदारी से पहले याद रखें: सोना-चांदी खरीदते समय केवल कम कीमत या आकर्षक डिजाइन देखकर फैसला न करें। शुद्धता, वजन, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और GST का पूरा हिसाब समझकर ही खरीदारी करें। इससे आप अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं और अपनी खरीदारी को सुरक्षित बना सकते हैं।

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