राजस्थान पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सीकर निवासी मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह में अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्ष 2023 में नौकरी के नाम पर कंबोडिया पहुंचा था। वहां उसे एक साइबर फ्रॉड कंपनी में रखा गया, जहां शुरुआत में कंप्यूटर पर काम कराया गया। बाद में वह एचआर और कर्मचारियों के प्रबंधन से जुड़े काम देखने लगा। इस दौरान उसे हर महीने करीब 800 अमेरिकी डॉलर वेतन मिलता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद भी कई भारतीय युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया बुलाया और प्रति व्यक्ति 300 डॉलर कमीशन लिया। युवाओं से विदेश भेजने के नाम पर 30-30 हजार रुपये भी वसूले गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भारत लौटने के बाद भी आरोपी कंबोडिया के नंबरों के जरिए व्हाट्सएप पर चीनी हैंडलर 'Atai' के संपर्क में था। पुलिस का आरोप है कि गिरोह भारत से नए लोगों को फर्जी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया भेजने की तैयारी कर रहा था, जहां उन्हें साइबर ठगी और क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराधों में लगाया जाता था।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली सूचना, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, वित्तीय लेन-देन और मानव तस्करी के पूरे रैकेट का जल्द खुलासा किया जाएगा।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.