राजस्थान बजट घोषणा 2026-27 में सागवाड़ा में कृषि उपज मंडी खोलने के प्रस्ताव पर प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है। निदेशक कृषि विपणन राजेश कुमार चौहान ने विधायक शंकरलाल डेचा को भेजे पत्र में बताया कि कृषि उपज मंडी समिति डूंगरपुर के अधीन राज्य सरकार की ओर से 16 अक्टूबर, 1978 को सागवाड़ा को गौण मंडी यार्ड अधिसूचित किया जा चुका है। हालांकि, यार्ड निर्माण के लिए सागवाड़ा तहसीलदार एवं नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी ने क्षेत्र में भूमि अनुपलब्धता की जानकारी दी थी, जिसके कारण अब तक यार्ड का निर्माण नहीं हो सका।
इस स्थिति में कृषि उपज मंडी समिति डूंगरपुर ने गौण मंडी सागवाड़ा में मंडी प्रांगण के लिए भूमि उपलब्धता की जानकारी हेतु तहसीलदार को पुनः आग्रह किया। विभागीय टिप्पणी में कहा गया कि क्षेत्र में कृषि उत्पादन अच्छा होने के कारण यदि 25 बीघा भूमि राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क आवंटित हो जाती है, तो यार्ड निर्माण की संभावना बन सकती है।
विधायक शंकरलाल डेचा ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र सागवाड़ा में कृषि उपज मंडी की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रमुखता से उठाया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि विपणन बोर्ड ने आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ करते हुए मंडी स्थापना के लिए 25 बीघा भूमि उपलब्ध करवाने के लिए तहसीलदार को पत्र प्रेषित किया है।
कृषि उपज मंडी की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को उपज के उचित मूल्य, बेहतर विपणन व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
एक अन्य खबर के अनुसार, सागवाड़ा में भारतीय किसान संघ की मासिक जिला बैठक एवं तहसील सागवाड़ा का अभ्यास वर्ग भीलूड़ा के विद्या निकेतन स्कूल में आयोजित हुआ। बैठक में किसानों की लंबित समस्याओं पर चर्चा की गई और सरकार से जल्द समाधान की मांग की गई। समाधान नहीं होने पर सितंबर माह में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रतिनिधि मणिलाल लबाना ने बताया कि भारतीय किसान संघ एक गैर-राजनीतिक, राष्ट्रवादी संगठन है जो संगठनात्मक, रचनात्मक और आंदोलनात्मक तरीके से काम करता है। उन्होंने जिले में संगठन के 50 हजार सदस्य और पदाधिकारी होने की जानकारी दी। नए साल में सदस्यता बढ़ाने के अभियान की योजना बनाई गई है। दिसंबर और जनवरी में जिले की सभी तहसीलों के हर गांव में 11 सदस्यों की ग्राम इकाई बनाकर संगठन मजबूत किया जाएगा। प्रांत संगठन मंत्री परमानन्द ने पदाधिकारियों को संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दी।
इस प्रकार, सागवाड़ा में कृषि उपज मंडी स्थापना की प्रक्रिया में प्रशासनिक कार्रवाई और भूमि उपलब्धता की पहल के साथ-साथ स्थानीय किसान संगठनों द्वारा आंदोलन और संगठन विस्तार की योजना भी सक्रिय है, जो क्षेत्र के कृषि विकास और किसान सशक्तिकरण में सहायक होगी।
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