राजस्थान के उपभोक्ताओं के लिए पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। ऊर्जा विभाग ने योजना की धीमी रफ्तार को देखते हुए इसके नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब सोलर रूफटॉप लगाने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हो गई है।
पहले केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश के तहत 1 जून से केवल भारत में बने यानी डीसीआर (Domestic Content Requirement) सोलर पैनल लगाना अनिवार्य कर दिया गया था, जिसके कारण 3 किलोवाट तक के घरेलू सोलर प्लांट की स्थापना लगभग ठप हो गई थी। स्वदेशी पैनलों की अधिक कीमत और कम दक्षता को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष भी देखा जा रहा था।
अब ऊर्जा विभाग की सचिव आरती डोगरा ने नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, जो उपभोक्ता 78 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी का लाभ नहीं लेना चाहते हैं, वे अब बाजार से आयातित (नॉन-डीसीआर) सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को विकल्प चुनने की स्वतंत्रता मिल गई है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ने के बावजूद नेट मीटरिंग का लाभ ले सकेंगे। इससे घरों में सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली सीधे डिस्कॉम को बेची जा सकेगी, जिससे उपभोक्ताओं को हर महीने अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि इस फैसले से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, सोलर पैनलों के विकल्प और कीमतों में संतुलन आएगा तथा अधिक लोग अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित होंगे। विभाग के अनुसार यह बदलाव योजना के तेज क्रियान्वयन और रूफटॉप सोलर के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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