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“आप धमकी कैसे दे रहे हो?”: कांग्रेस विधायक से महिला पटवारी की तीखी बहस, लैंड कन्वर्जन को लेकर ऑडियो वायरल

दौसा: राजस्थान के दौसा जिले से एक बार फिर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी के बीच टकराव का मामला सामने आया है। दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा और महिला पटवारी हेमलता मीणा के बीच हुई तीखी बहस का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बातचीत लैंड कन्वर्जन और अवैध प्लॉटिंग के मामले को लेकर बताई जा रही है।

वायरल ऑडियो में महिला पटवारी विधायक से कहती सुनाई दे रही हैं—
“आप मुझे धमकी कैसे दे रहे हो? दिक्कत है तो ट्रांसफर करवा देना, आपके तो हाथ में है।”

इस पर विधायक बैरवा जवाब देते हैं—
“गरीब लोगों को परेशान मत करो।”

किस जमीन को लेकर हुआ विवाद

यह पूरा विवाद दौसा तहसील के खसरा नंबर 171/1 से जुड़ा है, जहां करीब दो महीने पहले प्लॉट काटे गए थे। पटवारी का आरोप है कि बिना यूआईटी से कन्वर्जन कराए प्लॉटिंग की जा रही है, जबकि विधायक का कहना है कि वहां लोग वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं और प्रशासन बेवजह कार्रवाई कर रहा है।

ऑडियो में क्या-क्या बातचीत हुई

ऑडियो में दोनों के बीच हुई बातचीत इस प्रकार सामने आई है—

पटवारी:
“आप मुझे धमकी कैसे दे रहे हो, मैं मेरा काम कर रही हूं।”

विधायक:
“क्या काम कर रहे हो?”

पटवारी:
“यूआईटी की जमीन को बिना कन्वर्जन प्लॉटिंग हो रही है, तो मैं काम क्यों न करूं?”

विधायक:
“यहां लोग पहले से बसे हुए हैं, यूआईटी तो आज आई है।”

पटवारी:
“मैं मेरी नौकरी करने आई हूं, आप धमकी दे रहे हो।”

विधायक:
“गरीब लोगों को परेशान मत करो।”

पटवारी:
“स्कीम काटने वाला कौन सा गरीब है, बताओ।”

पटवारी आगे कहती हैं—
“यूआईटी में कन्वर्जन करवा लो, फिर स्कीम काट लो। बिना कन्वर्जन मकान नहीं बनने दूंगी।”

विधायक बोले- गरीबों को उजाड़ रहे अधिकारी

इस ऑडियो को लेकर जब विधायक दीनदयाल बैरवा से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें यह याद नहीं कि ऑडियो कब का है, लेकिन उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।

विधायक ने कहा—
“सालों से बसे गरीबों को अधिकारी परेशान कर रहे हैं। यूआईटी में कन्वर्जन नहीं होने का बहाना बनाकर मकान तोड़े जा रहे हैं। अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है, इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।”

पहले भी तहसीलदार से भिड़ चुके हैं विधायक

गौरतलब है कि इससे पहले भी तीन दिन पहले विधायक बैरवा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकने पहुंचे थे और तहसीलदार गजानंद मीणा से उनकी तीखी बहस हो गई थी।

इसके बाद विधायक ने गृह राज्य मंत्री जवार सिंह बेढम से मुलाकात कर तहसीलदार के निलंबन की मांग की थी और विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था।

विधायक का आरोप है कि—
“दौसा में एक तहसीलदार खुद को जमीनों का मालिक समझता है, न कानून मानता है, न जनप्रतिनिधियों का सम्मान करता है।”


निष्कर्ष

दौसा में विधायक और प्रशासन के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। महिला पटवारी और विधायक के बीच वायरल ऑडियो ने लैंड कन्वर्जन और अवैध प्लॉटिंग के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या किसी स्तर पर कार्रवाई होती है या नहीं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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