Download App Now Register Now

“दीवार पर दबाए रखा, मेरी छाती छू रहे थे…”: कुत्तों को बचाने पहुंची युवती के गंभीर आरोप, लखनऊ पार्षद और नगर निगम टीम पर केस की मांग

लखनऊ। राजधानी लखनऊ से महिला सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवती ने लखनऊ नगर निगम की एनिमल कैचर टीम और स्थानीय पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती स्ट्रीट डॉग्स के लिए एक एनजीओ चलाती है और रविवार को कुत्तों को पकड़ने पहुंची नगर निगम टीम का विरोध करने मौके पर गई थी।

पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ न सिर्फ बदसलूकी की गई, बल्कि दीवार पर दबाकर शारीरिक छेड़छाड़ भी की गई। पूरी घटना चौक थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।


कुत्तों को बचाने पहुंची थी युवती

पीड़िता के अनुसार, जब नगर निगम की एनिमल कैचर टीम इलाके में पहुंची तो एनजीओ को इसकी सूचना मिली। वह मौके पर पहुंची और टीम से कहा कि
सिर्फ उन्हीं कुत्तों को ले जाया जाए जो काटते हों।

इतना कहते ही टीम के सदस्यों ने बहस शुरू कर दी और कहा—
“तुम कौन होती हो पूछने वाली?”

पीड़िता ने खुद को एनजीओ संचालिका बताते हुए शांतिपूर्वक बात रखने की कोशिश की, लेकिन मामला बिगड़ता चला गया।


पार्षद को बुलाया, फिर शुरू हुई बदसलूकी

युवती का आरोप है कि इसके बाद स्थानीय पार्षद अनुराग मिश्रा को मौके पर बुलाया गया। पार्षद के पहुंचते ही वहां मौजूद कुछ लोगों ने भीड़ बना ली और अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया।

पीड़िता ने बताया कि उसने खुद को सुरक्षित रखने के लिए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, लेकिन—

  • पार्षद ने पीछे से पकड़कर उसे घसीटा

  • मोबाइल छीनकर फेंक दिया गया

  • फोन की स्क्रीन टूट गई


“दीवार पर दबाया, हाथ पकड़े, छाती छुई”

पीड़िता के अनुसार हालात तब और भयावह हो गए जब—

  • उसे धक्का देकर एक गली में ले जाया गया

  • कई लोगों ने मिलकर दीवार पर दबाए रखा

  • हाथ पकड़कर रोका गया

  • इसी दौरान कुछ लोगों ने उसकी छाती को छुआ

युवती का कहना है कि उसके शरीर पर नाखून के कई निशान हैं और घटना के बाद से उसे सीने में दर्द हो रहा है।


पुलिस देरी से पहुंची

पीड़िता ने बताया कि घटना के समय नजदीकी चौकी से पुलिस नहीं आई क्योंकि थाने में मीटिंग चल रही थी। काफी देर बाद पुलिस पहुंची, तब जाकर वह खुद को बचा सकी।


थाने में दी लिखित शिकायत

युवती ने चौक थाने में पार्षद अनुराग मिश्रा और सुनील सिंह नामक व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में

  • पुलिस प्रशासन

  • नगर निगम

  • आरोपी पार्षद

की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


निष्कर्ष:

यह मामला न केवल महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि और सरकारी टीमें अगर जवाबदेही से बाहर हों, तो आम नागरिक कितने असुरक्षित हो सकते हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। पीड़िता को न्याय मिलता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
JDA के नोटिस के बावजूद चल रहा “Boss Cafe” का रूफटॉप रेस्टोरेंट, स्टे की आड़ में नियमों को चुनौती? | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: CM का विपक्ष पर बड़ा हमला, डोटासरा बोले- “दिल्ली की पर्ची पढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री!” | राम मंदिर में आज रचा जाएगा इतिहास! राष्ट्रपति करेंगी ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना, 7000 मेहमान बनेंगे गवाह | गैस संकट पर सरकार की बड़ी सफाई: घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग, रोज 50 लाख डिलीवरी; पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी नहीं | भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट |