भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026’ योजना के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देशभर के उन प्रतिभाशाली बच्चों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य बच्चों की विशेष प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत 5 वर्ष से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शामिल किया जाता है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए बच्चों का चयन कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों के आधार पर किया जाएगा। इनमें बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस पुरस्कार के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि बच्चों के अंदर छिपी हुई विशेष प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाए, जिससे वे अपने क्षेत्र में और अधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें और अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकें।
बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक सत्येन्द्रपाल वीर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत योग्य बच्चों के नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। सभी आवेदन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के लिए नामांकन कोई भी व्यक्ति, संस्था, शिक्षक, अभिभावक या स्वयं बच्चा भी कर सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान बच्चे की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण लगभग 500 शब्दों में देना अनिवार्य होगा। इसके साथ अधिकतम 10 सहायक दस्तावेज और एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो भी अपलोड करना आवश्यक होगा।
इस पुरस्कार के लिए चयनित बच्चों को भारत सरकार की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे बच्चों को न केवल सम्मान मिलेगा बल्कि आगे बढ़ने और अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरणा भी मिलेगी।
सत्येन्द्रपाल वीर ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास मौजूद प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करें और उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामांकन करने हेतु प्रेरित करें, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर सकें और देश का नाम रोशन कर सकें।
सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से बच्चों में छिपी प्रतिभा को उजागर कर उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराया जा सकता है। पुरस्कार चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है, जिसमें विशेषज्ञ समिति द्वारा बच्चों की उपलब्धियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
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