कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में गेहूं खरीद की अंतिम तिथि और खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित पूरे प्रदेश में किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि पहले 30 जून तक चलने वाली खरीद को इस बार पहले 31 मई और फिर केवल 19 जून तक सीमित कर दिया गया, जिससे हजारों पंजीकृत किसान अपनी बारी का इंतजार करते हुए परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी और धीमी उठाव प्रक्रिया के कारण खुले में पड़ा गेहूं खराब होने का खतरा बढ़ गया है, वहीं बेमौसम बारिश से फसल के भीगने और नमी के कारण रिजेक्ट होने की आशंका भी बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा नहीं बढ़ाई गई तो किसानों को मजबूरी में अपनी फसल औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचनी पड़ेगी।
गहलोत ने सरकार से मांग की कि गेहूं खरीद की अंतिम तिथि को पूर्व की तरह 30 जून तक बढ़ाया जाए, खरीद लक्ष्य को बढ़ाया जाए और मंडियों से अनाज के उठाव की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
इस बार श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में गेहूं की बंपर पैदावार हुई है, जिसका अनुमान लगभग 25.25 लाख मीट्रिक टन है। श्रीगंगानगर में 89,332 किसानों ने एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि हनुमानगढ़ का खरीद लक्ष्य 8.96 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। दोनों जिलों को मिलाकर श्रीगंगानगर मंडल का कुल लक्ष्य 15.66 लाख मीट्रिक टन है।
प्रदेश स्तर पर कुल 4,84,694 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से करीब 2,99,499 किसानों से खरीद पूरी हो चुकी है, जबकि कुल खरीद लक्ष्य 28.50 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले अब तक लगभग 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। किसानों और संगठनों ने भी खरीद अवधि बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है।
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