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ईरान-अमेरिका युद्ध का असर जयपुर में: सरकारी पेट्रोल पंप सूखे, एम्बुलेंस तक हुई बंद—सिस्टम पर बड़ा संकट!

अमेरिका: और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारत के स्थानीय सिस्टम पर भी दिखने लगा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी पेट्रोल पंप सूखने की खबर सामने आई है, जिससे सरकारी वाहनों का संचालन प्रभावित हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में एम्बुलेंस सेवाएं तक बाधित हो गई हैं।

सरकारी गाड़ियों के पहिए थमे

राजस्थान स्टेट मोटर गैराज (RSMG) विभाग, जो सरकारी कार्यालयों और विभागों को ईंधन उपलब्ध कराता है, इन दिनों भारी संकट से जूझ रहा है। विभाग के सहकार मार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर ईंधन की सप्लाई लगभग बंद हो गई है। इसके चलते अधिकांश सरकारी गाड़ियां—जिनमें प्रशासनिक वाहन, फील्ड विजिट गाड़ियां और एम्बुलेंस शामिल हैं—अब ठप हो गई हैं।

हालांकि, मंत्रियों की गाड़ियों के लिए ईंधन की व्यवस्था फिलहाल जारी रखी गई है, लेकिन बाकी विभागों को अपने स्तर पर ईंधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

SMS अस्पताल में एम्बुलेंस सेवा प्रभावित

जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में स्थिति और चिंताजनक है। यहां संचालित सरकारी एम्बुलेंसों को भी RSMG के जरिए ही ईंधन मिलता था। लेकिन अब ईंधन की कमी के कारण इन एम्बुलेंसों का संचालन रोक दिया गया है।

इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ सकता है, खासकर उन मरीजों पर जिन्हें आपातकालीन सेवाओं की जरूरत होती है। अस्पताल प्रशासन को अब निजी पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।

महंगा पड़ रहा सरकारी ईंधन

सूत्रों के अनुसार, RSMG को पेट्रोलियम कंपनी (IOCL) से पेट्रोल लगभग 124.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 139.60 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है। जबकि बाजार में यही पेट्रोल करीब 105 रुपये और डीजल करीब 91 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध है।

इस बड़े मूल्य अंतर के कारण विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिसके चलते उसने ईंधन की सप्लाई सीमित कर दी है।

बाजार से खरीदने के निर्देश

राजस्थान स्टेट मोटर गैराज ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अब बाजार के पेट्रोल पंपों से सीधे ईंधन खरीदें। इसके अलावा, कुछ निजी पेट्रोल पंपों से अनुबंध भी किया गया है, ताकि मंत्रियों की गाड़ियों के लिए ईंधन की आपूर्ति बनी रहे।

राजस्थान मोटर गैराज के कंट्रोलर मानसिंह मीणा ने बताया कि बढ़ती कीमतों के कारण फिलहाल प्राथमिकता केवल मंत्रियों के वाहनों को दी जा रही है। बाकी विभागों को अपने स्तर पर व्यवस्था करनी होगी।

वैश्विक संकट का स्थानीय असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर सीधे पड़ रहा है।

इस स्थिति ने यह भी दिखाया है कि वैश्विक राजनीतिक घटनाएं किस तरह स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।

आगे क्या?

अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो न केवल सरकारी सेवाएं प्रभावित होंगी, बल्कि आम जनता को भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका असर झेलना पड़ सकता है। स्वास्थ्य, परिवहन और प्रशासनिक सेवाओं में बाधा आने की आशंका है।


निष्कर्ष:

जयपुर में सामने आया यह ईंधन संकट केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक हालात का सीधा असर है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर जनता को राहत दे।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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