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दौसा में हिंदू सम्मेलन से गूंजा एकता का संदेश! शोभायात्रा से लेकर हनुमान चालीसा तक, समाज को जोड़ने का बड़ा प्रयास

दौसा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर दौसा जिले में हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। जिला मुख्यालय सहित महवा क्षेत्र में कलश यात्रा, शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकता, संस्कार और नागरिक कर्तव्यों का संदेश दिया गया।

शोभायात्रा और धार्मिक आयोजनों से बना उत्सवी माहौल

दौसा जिला मुख्यालय पर आयोजित सम्मेलन में मंदिर परिसर में संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके साथ ही शोभायात्रा निकालकर समाज को एक सूत्र में बांधने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में संतों और वक्ताओं ने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पंच परिवर्तन और कुटुंब प्रबोधन पर जोर

सम्मेलन के मुख्य वक्ता सेवा भारती के प्रांतीय सदस्य कैलाश गोठड़ा ने हिंदू समाज में पंच परिवर्तन और कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि परिवारों में संस्कारों को पुनः स्थापित करने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मजबूत परिवार ही सशक्त समाज की नींव रखते हैं।

वहीं, महामंडलेश्वर अमरदास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को संगठित रहकर देश की उन्नति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

महवा के पाखर गांव में भी हुआ भव्य आयोजन

महवा क्षेत्र के पाखर गांव में भी हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
यज्ञ सम्राट मौनी बाबा शोभानंद भारती महाराज के सान्निध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। पुरुष श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए साथ चले। यात्रा मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्प-वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश

सम्मेलन को संबोधित करते हुए शोभानंद भारती महाराज ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।
वक्ताओं ने विशेष रूप से

  • पर्यावरण संरक्षण

  • सामाजिक समरसता

  • स्वदेशी के उपयोग

  • नागरिक कर्तव्यों के पालन

  • और परिवारों में सनातनी संस्कारों को सुदृढ़ करने

पर जोर दिया।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया।


निष्कर्ष:

आरएसएस के शताब्दी वर्ष के तहत दौसा जिले में आयोजित हिंदू सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, एकता और पर्यावरण संरक्षण के सूत्र में बांधने का एक व्यापक प्रयास हैं। ऐसे कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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