राजस्थान में एकमात्र लहसुन एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना अब बारां जिले के कवाई क्षेत्र में शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बजट 2025-26 में की गई घोषणा के 15 माह बाद अब निर्माण प्रक्रिया को गति मिली है। हाल ही में 2.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने के बाद प्राथमिक निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह सेंटर लगभग 10 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा और इसकी कुल लागत करीब 12 करोड़ रुपये होगी।
शुरुआत में भूमि चयन अटरु क्षेत्र के गोविंदपुरा गांव में किया गया था, लेकिन विशेषज्ञ टीम द्वारा इसे अनुपयुक्त बताए जाने के बाद कवाई में नई भूमि का चयन किया गया। इस परियोजना के तहत 10 करोड़ रुपये भवन निर्माण और अन्य संरचनात्मक कार्यों पर खर्च होंगे, जबकि 2 करोड़ रुपये की लागत से प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिसे पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा।
उद्यान विभाग के अनुसार निर्माण कार्य एजेंसी राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड को सौंपा गया है। प्रथम चरण में बाउंड्रीवाल और आधारभूत संरचना का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 6 फीट ऊंची दीवार और तार फेंसिंग शामिल होगी। इसके बाद 688 वर्ग मीटर क्षेत्र में ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर भवन तैयार किया जाएगा, जिसमें प्रोसेसिंग यूनिट, विभागीय कार्यालय, सेमिनार हॉल, ट्रेनिंग सेंटर और आवास कक्ष शामिल होंगे।
निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर माह से शुरू होने की संभावना है और इसे वर्ष 2028 तक पूरा कर विभाग को हैंडओवर किया जाएगा।
यह सेंटर बारां जिले के किसानों और व्यापारियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत किस्मों और उत्पादन से जुड़ी जानकारी मिलेगी, जबकि व्यापारियों को प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की सुविधा प्राप्त होगी। बारां जिला लहसुन उत्पादन में राजस्थान में प्रथम स्थान रखता है और यहां हर वर्ष लाखों क्विंटल लहसुन की आवक होती है, जिससे यह परियोजना क्षेत्र के कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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