उदयपुर शहर में सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किए गए एक प्रैंक वीडियो ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। फतेहसागर पाल क्षेत्र में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर द्वारा नकली सांप का उपयोग कर वहां बैठे बुजुर्गों, महिलाओं, युवतियों और पर्यटकों को डराने का वीडियो सामने आया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि झील किनारे बैठे लोग अचानक नकली सांप देखकर घबरा जाते हैं, जिससे वहां अफरा-तफरी जैसा माहौल बन जाता है। इस तरह की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर 'प्रैंक' के नाम पर साझा किया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह गंभीर हादसों का कारण बन सकती हैं, खासकर जब किसी व्यक्ति को चोट, घबराहट या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति का सामना करना पड़े।
मामले का वीडियो सामने आने के बाद अम्बामाता थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित इन्फ्लुएंसर की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतें कानून व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, इसलिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर इस तरह की घटनाएं शहर की छवि को प्रभावित करती हैं और पर्यटकों में गलत संदेश देती हैं। यदि इस दौरान कोई व्यक्ति गिर जाए या किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाएगा।
इसी बीच उदयपुर स्थित भारतीय लोक कला मण्डल में आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने लोक नृत्य, लोक गायन, लोक वादन और दस्ताना पुतली नाटक की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में 55 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया और सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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