हनुमानगढ़ जिले में जायका प्रोजेक्ट के तहत 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद नहर सुधार और पुनरोद्धार कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुल 12 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें सिद्धमुख-नोहर परियोजना, भाखड़ा क्षेत्र और श्रीगंगानगर क्षेत्र की नहरों की रीलाइनिंग और बेड लाइनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन कार्यों के पूरा होने के बाद नहरों की जल वहन क्षमता में सुधार होगा और किसानों के खेतों तक पानी तेज और सुचारू रूप से पहुंच सकेगा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार नहरों के रेगुलेशन में सुधार से पानी के विवाद भी कम होंगे और जल वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों और जल उपयोगकर्ता संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा पूरी हो चुकी है और जल्द ही पुनरोद्धार कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली जा रही हैं ताकि कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
इसी बीच पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने बताया कि भविष्य में चिनाब नदी का पानी राजस्थान तक लाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जिसके तहत लगभग 5000 क्यूसेक पानी सुरंग के माध्यम से हरिके हैड तक पहुंचाने की संभावना है। इससे राज्य के किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
दूसरी ओर फेफाना क्षेत्र में पिछले वर्ष अतिवृष्टि से हुए जलभराव के बाद हालात से निपटने के लिए तैयारियां अभी भी अधूरी हैं। गांव में स्थित जोहड़ों की खुदाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे मानसून से पहले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जल भंडारण क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो इस बार भी जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। प्रशासन और ग्राम पंचायत ने बजट स्वीकृति के बाद खुदाई कार्य शुरू करने की बात कही है।
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