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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के साथ ही चुनावी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दोनों उम्मीदवारों ने विधानसभा परिसर में अपना नामांकन दाखिल किया। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने चार सेटों में नामांकन पत्र जमा किए, जबकि अलका गुर्जर ने दो सेटों में अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन के दौरान विधानसभा परिसर में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पार्टी ने इस मौके को संगठनात्मक एकजुटता और राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया।
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए कुल तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है। नाम वापसी की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित की गई है। इसी दिन उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की स्थिति नहीं बनने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और तीनों प्रत्याशी सीधे राज्यसभा पहुंचेंगे।
नामांकन पत्रों के साथ दाखिल किए गए शपथ पत्रों के अनुसार भाजपा उम्मीदवारों की संपत्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अलका गुर्जर ने अपने हलफनामे में करीब 7.76 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है। वहीं सतीश पूनिया ने लगभग 6.45 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति का विवरण प्रस्तुत किया है।
भाजपा ने अपने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी संगठन और नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है। विधानसभा परिसर में नेताओं की मौजूदगी और नामांकन प्रक्रिया के दौरान दिखाई गई सक्रियता को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
11 जून को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा होगी, जिसके साथ राजस्थान की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।
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