राजस्थान: के बांदीकुई शहर में सोमवार को महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरे शहर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और युवा इस आयोजन में शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक रंग में रंग गया।
शोभायात्रा की शुरुआत पुरानी अनाज मंडी स्थित जैन मंदिर से हुई, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। भगवान महावीर की प्रतिमा को सजे-धजे पालकी में विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। जैसे ही यात्रा आगे बढ़ी, श्रद्धालु “भगवान महावीर स्वामी की जय” के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे।
यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों—गर्ल्स स्कूल रोड, अस्पताल रोड, आगरा रेलवे फाटक, राज बाजार और हाई स्कूल रोड से होते हुए गुजरी। हर मार्ग पर लोगों ने श्रद्धा के साथ यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया।
यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब महिलाओं ने भजनों की धुन पर नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने धार्मिक गीतों पर झूमते हुए पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। बच्चों और युवाओं की टोली भी भक्ति गीतों और नारों के साथ यात्रा में शामिल रही।
शहर के विभिन्न चौराहों और मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे, जहां समाज के लोगों ने ठंडे पेयजल, प्रसाद और अन्य व्यवस्थाएं की थीं। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रुककर भगवान महावीर की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
जैन समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि महावीर जयंती का यह पर्व अहिंसा, सत्य और करुणा का संदेश देता है। भगवान महावीर के उपदेश आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और आध्यात्मिकता को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें अध्यक्ष माणकचंद काला, प्रचार मंत्री पंकज जैन, कमलचंद जैन, महेंद्र जैन, मनोज जैन और दिलीप जैन सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल थे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम लगातार व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।
महावीर जयंती के इस पावन अवसर पर बांदीकुई शहर में जो श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला, वह यह दर्शाता है कि आज भी धार्मिक परंपराएं लोगों के जीवन में गहरी जड़ें रखती हैं। यह शोभायात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी संदेश दे गई।
बांदीकुई में महावीर जयंती की शोभायात्रा ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक पर्व केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का भी माध्यम हैं। भक्ति, उत्साह और सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
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