आमतौर: पर Breast Cancer को महिलाओं की बीमारी माना जाता है, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी पुरुषों में भी हो रही है—और चिंताजनक बात यह है कि पुरुषों में यह ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है।
लखनऊ के Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (SGPGI) के इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रमुख Dr. Gaurav Agrawal ने इस विषय पर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान अक्सर देर से होती है, जिससे इलाज में देरी होती है और बीमारी जानलेवा बन जाती है।
डॉ. गौरव अग्रवाल के मुताबिक, SGPGI में हर साल 400 से अधिक ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों का इलाज किया जाता है। इनमें से करीब 5-6 मरीज पुरुष होते हैं। यह संख्या भले ही कम लगे, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को अक्सर गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे समय पर जांच नहीं हो पाती।
डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के 50% से ज्यादा मामले तब सामने आते हैं, जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह जागरूकता की कमी है।
महिलाओं में जहां जागरूकता अभियान के चलते शुरुआती चरण में ही बीमारी का पता चल जाता है, वहीं पुरुषों में लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। यही कारण है कि पुरुषों में यह बीमारी ज्यादा घातक बन जाती है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर ज्यादा खतरनाक इसलिए भी है क्योंकि—
डॉक्टरों के अनुसार, यदि समय रहते पहचान हो जाए तो इस बीमारी का इलाज संभव है।
पुरुष और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में कुछ बुनियादी अंतर होते हैं।
इसका मतलब है कि इलाज संभव है, लेकिन सही समय पर शुरू होना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय स्तर पर हर साल महिलाओं में प्रति एक लाख आबादी पर करीब 23 नए मामले सामने आते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी यही ट्रेंड देखने को मिलता है।
हालांकि पुरुषों में यह संख्या कम है, लेकिन गंभीरता अधिक है क्योंकि अधिकांश मामलों में बीमारी देर से पकड़ी जाती है।
विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे संकेत बताए हैं, जिन्हें पुरुषों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए—
इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इस गंभीर विषय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए Lucknow में 3 अप्रैल से एक इंटरनेशनल वर्कशॉप की शुरुआत हो रही है। इसमें देश-विदेश के 250 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
इस वर्कशॉप में ब्रेस्ट कैंसर के नए इलाज, तकनीक और रिसर्च पर चर्चा की जाएगी।
ब्रेस्ट कैंसर केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। पुरुषों में भी यह तेजी से सामने आ रहा है और ज्यादा घातक साबित हो रहा है। जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। अगर किसी भी तरह के लक्षण दिखें, तो उन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
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