राजस्थान: के दौसा जिले के लालसोट में शुक्रवार दोपहर एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। तालेड़ा जमात क्षेत्र में एक ढाबे के बाहर हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र उर्फ योगेंद्र मीणा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतक धर्मेंद्र के खिलाफ मंडावरी थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह इलाके का जाना-पहचाना हिस्ट्रीशीटर था। शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे वह अपने मित्र कमलेश मीणा और चचेरे भाई सूरज के साथ दयाल ढाबे पर खाना खा रहा था।
इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते चार से पांच बदमाश वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने पहले धर्मेंद्र और उसके साथियों के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन उस समय कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि बदमाश पहले से ही हमले की योजना बनाकर आए थे। जब धर्मेंद्र अपने साथियों के साथ खाना खाकर ढाबे से बाहर निकला, तो वहां पहले से खड़ी एक कार में बैठे आरोपियों ने उस पर फायरिंग कर दी।
गोली सीधे धर्मेंद्र की छाती में लगी, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई।
धर्मेंद्र के साथी कमलेश मीणा उसे तत्काल लालसोट के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतक के भाई लेखराज मीणा ने लालसोट थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में चेतराम गुर्जर उर्फ राहुल खटाना, जसराम गुर्जर और देशराज गुर्जर सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। दौसा के एसपी विनोद सीपा के अनुसार, कुछ संदिग्ध लोगों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पोस्टमॉर्टम के लिए शव को जयपुर के SMS अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पुरानी रंजिशें किस तरह हिंसक रूप ले सकती हैं और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।
लालसोट में हुई यह हत्या पुरानी दुश्मनी का खतरनाक परिणाम है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बावजूद अपराधियों का खुलेआम वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
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