राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE): द्वारा जारी किए गए 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में इस बार कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन चौमूं के लक्षित खर्रा ने 98.50% अंक हासिल कर खास पहचान बनाई है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
चौमूं क्षेत्र के रहने वाले लक्षित खर्रा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता हासिल की। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। संस्था निदेशक ने भी उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस वर्ष का रिजल्ट कई मायनों में खास रहा है। पहली बार राजस्थान बोर्ड का 10वीं का परिणाम मार्च महीने में जारी किया गया है। यह बदलाव राज्य सरकार के नए शैक्षणिक सत्र को 1 अप्रैल से शुरू करने के फैसले के कारण किया गया है। इससे छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा।
गोविंदगढ़ ब्लॉक में इस साल करीब 5,000 विद्यार्थियों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लिया था। इनमें से कई छात्रों ने अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन लक्षित खर्रा का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उनकी सफलता ने अन्य छात्रों को भी प्रेरित किया है कि कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
लक्षित खर्रा की सफलता के पीछे उनका अनुशासन, नियमित पढ़ाई और परिवार का सहयोग अहम रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरे साल एक तय टाइम-टेबल के अनुसार पढ़ाई की और हर विषय पर बराबर ध्यान दिया। खासकर गणित और विज्ञान जैसे विषयों में उन्होंने मजबूत पकड़ बनाई।
इस बीच, शिक्षा विभाग ने मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए एक खास पहल भी शुरू की है। 95% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की फोटो और इंटरव्यू डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित किए जाएंगे। इससे छात्रों को पहचान मिलेगी और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कृपा निधि के अनुसार, इस वर्ष गोविंदगढ़ ब्लॉक में 10वीं कक्षा में कुल 7,925 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें 1,896 सरकारी विद्यालयों और 5,529 निजी विद्यालयों के छात्र शामिल हैं। वहीं, 8वीं और 5वीं कक्षा के भी परिणाम जारी किए गए हैं, जिनमें भी छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।
राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिणामों में सुधार इस बात का संकेत है कि छात्रों और शिक्षकों दोनों की मेहनत रंग ला रही है। मार्च में रिजल्ट जारी होने से अब स्कूलों में नए सत्र की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
लक्षित खर्रा जैसे छात्रों की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही दिशा और मेहनत से हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.