भारतीय: बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण सामने आया है। 20 वर्षीय युवा शटलर Ayush Shetty ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरे खेल जगत को चौंका दिया। उन्होंने सेमीफाइनल में मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 Kunlavut Vitidsarn को हराकर फाइनल में जगह बना ली।
चीन के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए इस मुकाबले में आयुष ने शानदार जज्बा और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन करते हुए 10-21, 21-19, 21-17 से जीत दर्ज की। करीब 75 मिनट तक चले इस मुकाबले में उन्होंने पहला गेम हारने के बाद जिस तरह वापसी की, वह उनके करियर के सबसे बड़े पलों में से एक बन गया।
मैच की शुरुआत आयुष के लिए आसान नहीं रही। पहले गेम में वितिदसरन ने अपना दबदबा दिखाते हुए 21-10 से जीत हासिल की। लेकिन इसके बाद आयुष ने अपने खेल में जबरदस्त बदलाव किया। दूसरे गेम में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए 21-19 से मुकाबला अपने नाम किया।
निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन दबाव के क्षणों में आयुष ने बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और 21-17 से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
दोनों खिलाड़ी इससे पहले पिछले साल आर्कटिक ओपन में आमने-सामने आए थे, जहां वितिदसरन ने आयुष को सीधे गेम में हराया था। लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए न सिर्फ हिसाब बराबर किया, बल्कि बड़े मंच पर जीत दर्ज कर अपनी काबिलियत साबित की।

इस जीत के साथ Ayush Shetty बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के दूसरे पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले Dinesh Khanna ने 1965 में गोल्ड मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी।
यानी पूरे 59 साल बाद किसी भारतीय पुरुष शटलर ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। आयुष ने इस उपलब्धि के साथ कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है, लेकिन उनकी नजर अब गोल्ड जीतकर नया इतिहास रचने पर होगी।
आयुष का यह प्रदर्शन किसी एक मैच तक सीमित नहीं है। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार बेहतरीन खेल दिखाया है। क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-4 Jonatan Christie को 23-21, 21-17 से हराया था।
इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे मजबूत खिलाड़ियों को भी मात दी। वर्ल्ड रैंकिंग में 25वें स्थान पर होने के बावजूद आयुष ने जिस तरह टॉप खिलाड़ियों को हराया, वह उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
अब फाइनल में आयुष का सामना Chou Tien-chen और Shi Yuqi के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। दोनों ही खिलाड़ी अनुभवी और मजबूत हैं, लेकिन आयुष की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे कड़ी टक्कर की उम्मीद की जा रही है।
जहां आयुष ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं भारत के अन्य स्टार खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। PV Sindhu दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि Lakshya Sen पहले ही राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
आयुष शेट्टी की यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के भविष्य की झलक है। उन्होंने साबित कर दिया कि युवा प्रतिभा अगर आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़े, तो बड़े से बड़े खिलाड़ी को चुनौती दे सकती है। अब पूरे देश की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां आयुष एक और इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगे।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.