राजस्थान: में वकीलों की सबसे बड़ी संस्था Bar Council of Rajasthan के चुनाव आज आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी। करीब तीन साल की देरी के बाद हो रहे इन चुनावों को लेकर वकीलों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस बार 23 पदों के लिए कुल 234 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला प्रदेश के 84,247 पंजीकृत अधिवक्ता करेंगे। पिछली बार यह चुनाव 2018 में हुए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से इस बार चुनाव तय समय से काफी देरी से हो रहे हैं।
इस चुनाव की एक खास बात यह भी है कि यह Supreme Court of India द्वारा गठित कमेटी की निगरानी में कराया जा रहा है। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मतपेटियों को संबंधित जिला जज के पास जमा कराया जाएगा। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच इन्हें जोधपुर भेजा जाएगा, जहां 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी।
राज्यभर में कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा पोलिंग बूथ Rajasthan High Court Jaipur Bench में बनाया गया है।
यहां करीब 14,781 अधिवक्ता वोटर पंजीकृत हैं। मतदान को सुचारु बनाने के लिए 200 वोटिंग केबिन तैयार किए गए हैं, जिससे एक समय में 200 वकील वोट डाल सकें।
जयपुर जिले में कुल मिलाकर करीब 22,000 वोटर्स हैं, जो इसे प्रदेश का सबसे बड़ा मतदान केंद्र बनाता है। इसके अलावा सेशन कोर्ट, फैमिली कोर्ट, आमेर और सांगानेर कोर्ट में भी पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार महिला अधिवक्ताओं को आरक्षण दिया गया है। 23 में से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि 2 महिलाओं को सह-नामित (को-ऑप्टेड) किया जाएगा।
इस तरह कुल 25 सदस्यों वाली परिषद में पहली बार 7 महिला सदस्य होंगी। इसी कारण इस बार 57 महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरी हैं, जो पिछले चुनावों की तुलना में एक बड़ा बदलाव है।
यह कदम बार काउंसिल में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जयपुर हाईकोर्ट के गेट नंबर 3 और 4 से केवल वोटर्स को ही प्रवेश दिया जा रहा है। आम लोगों और पक्षकारों की एंट्री पर रोक लगाई गई है।
प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
234 उम्मीदवारों के मैदान में होने के कारण इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। कई वरिष्ठ और युवा अधिवक्ता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे आने वाले समय में राज्य की कानूनी व्यवस्था और बार काउंसिल की कार्यशैली पर असर डालेंगे।
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान न केवल वकीलों का प्रतिनिधित्व करती है, बल्कि यह कानूनी पेशे से जुड़े नियमों और अनुशासन को भी नियंत्रित करती है। ऐसे में इसके चुनाव का महत्व काफी बढ़ जाता है।
इस बार महिलाओं को आरक्षण दिए जाने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चुनाव होने के कारण यह चुनाव और भी ज्यादा चर्चा में है।
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