राजस्थान: के दौसा जिले के लालसोट में शुक्रवार को एक मामूली कहासुनी ने खौफनाक रूप ले लिया। लालसोट थाना क्षेत्र में स्थित दयाल भोजनालय के बाहर हुई फायरिंग में एक युवक की जान चली गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
मृतक की पहचान धर्मेंद्र मीणा के रूप में हुई है, जो खेड़ला गांव का निवासी था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह अपने साथियों के साथ भोजन करने आया था। इसी दौरान दूसरे गुट के युवकों से उसकी कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
जानकारी के अनुसार, दो अलग-अलग गुटों के युवक भोजनालय में अलग-अलग टेबल पर बैठे थे। एक गुट में करीब 5 युवक और दूसरे में 3 युवक शामिल थे। भोजन के दौरान ही दोनों गुटों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।
हालांकि उस समय मामला शांत हो गया और सभी युवक खाना खत्म कर बाहर निकल गए। लेकिन बाहर निकलते ही विवाद ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक गुट के युवक कार में सवार होकर बाहर निकले और अचानक धर्मेंद्र मीणा पर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया।
घायल धर्मेंद्र को पहले लालसोट जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पीएमओ डॉ. राजकुमार सहारा के अनुसार, युवक को गोली लगने से गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते उसे बचाया नहीं जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद सीपा, डिप्टी एसपी दिलीप मीणा और सीआई पवन जाट मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।
पुलिस ने भोजनालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर इस तरह की हिंसा चिंता का विषय है।
घटना के बाद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
लालसोट की यह घटना समाज में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता का एक खतरनाक उदाहरण है। मामूली विवाद का इस तरह जानलेवा रूप लेना यह दर्शाता है कि गुस्से और आक्रोश पर नियंत्रण कितना जरूरी है। पुलिस की जांच जारी है, लेकिन यह घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि समाज में शांति और संयम बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
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